डेस्क : दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में मंगलवार शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में आ गए। हालांकि, इससे भारत में किसी नुकसान की खबर नहीं है।

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र गुलाम कश्मीर (पाकिस्तान) के मीरपुर से 15 किलोमीटर दूर स्थित जातलां इलाके में था। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 मापी गई है। भारत में पाकिस्तान से सटे जम्मू-कश्मीर में भूकंप की सबसे ज्यादा तीव्रता थी।
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मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। इनमें जम्मू कश्मीर और चंडीगढ़ भी शामिल हैं। भूकंप की तीव्रता 5.8 रिक्टर स्केल थी, जबकि इसका अधिकेंद्र लाहौर से उत्तर पश्चिमी दिशा में 173 किलोमीटर की दूरी पर था।

दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में भूकंप के झटकों के चलते लोग दफ्तरों और घरों से बाहर निकल आए।

बता दें कि दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई इलाके भूकंप के लिहाज से खतरनाक इलाकों में आते हैं। खासकर सिस्मिक जोन 5 (पांच) भूकंप के लिहाज से देश का सबसे खतरनाक इलाका है।
सिस्मिक जोन 2
देश की बाकी जगहें सिस्मिक जोन 2 में आते हैं, ये भूकंप के लिहाज से कम खतरनाक है, यहां 4.9 तीव्रता से ज्यादा का भूकंप आने का खतरा नहीं है।

सिस्मिक जोन 3
जोन 3 को भूकंप के लिहाज से मध्यम खतरे वाला माना जाता है। इस जोन में केरल, गोवा, लक्षदीप, यूपी, गुजरात और पश्चिम बंगाल के बचे हुए इलाके, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के इलाके आते हैं।

सिस्मिक जोन 4
सिस्मिक जोन 4 भी भूकंप के लिहाज से काफी खतरनाक माना जाता है. यहां 7 से 7.9 तीव्रता तक भूकंप आ सकते हैं। इस जोन में राजधानी दिल्ली, एनसीआर के इलाके, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के इलाके, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल का उत्तरी इलाका, गुजरात का कुछ हिस्सा और पश्चिम तट से सटा महाराष्ट्र और राजस्थान का इलाका आता है।

सिस्मिक जोन 5
सिस्मिक जोन 5 का मतलब है यहां आठ की तीव्रता से ज्यादा का भूकंप आ सकता है। इस जोन में देश का पूरा नॉर्थ-ईस्ट इलाका, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तरांचल के इलाके, गुजरात का कच्छ, उत्तर बिहार और अंडमान निकोबार द्वीप शामिल है।
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