अंबाला जिले में सरकारी नौकरी के नाम पर की गई करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में सोंटी गांव निवासी सुनील को पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी है।

यह मामला उस समय सामने आया जब गोविंदगढ़ के रहने वाले यादविंदर सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि सुनील कुमार और उसके साथियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए आयकर विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास ऐसे संपर्क हैं, जिनके जरिए वे चंडीगढ़ में सरकारी नौकरी आसानी से दिलवा सकते हैं।
आरोपियों की बातों में आकर यादविंदर सिंह और अन्य युवाओं ने उन पर विश्वास कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग समय पर पैसे मांगने शुरू कर दिए। पीड़ितों ने 1 अगस्त 2024 से लेकर 31 जनवरी 2025 तक कई किस्तों में कुल 1.10 करोड़ रुपये आरोपियों को दे दिए।
कुछ समय तक आरोपियों ने भरोसा बनाए रखने के लिए बहाने बनाए और कहा कि प्रक्रिया चल रही है। लेकिन जब काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई नियुक्ति पत्र नहीं आया, तो पीड़ितों को शक हुआ। उन्होंने आरोपियों से जवाब मांगा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। आरोपियों ने पैसे लौटाने के बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। जान से मारने की धमकियों के कारण पीड़ितों में डर का माहौल बन गया।
आखिरकार, पीड़ितों ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। नग्गल थाना पुलिस ने 16 मार्च 2026 को मामला दर्ज किया और जांच को आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर मुख्य आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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