लगातार तीन कारोबारी सत्रों की तेज गिरावट के बाद मंगलवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी ने दमदार वापसी की। कीमतों में आई इस तेजी ने निवेशकों को एक बार फिर चौंका दिया। राजधानी दिल्ली समेत देश के प्रमुख बाजारों में चांदी की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला, जबकि सोना भी मजबूती के साथ ऊपर चढ़ता नजर आया।

वैश्विक बाजारों में मजबूती, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से कीमती धातुओं को सहारा मिला। इसके चलते सोना और चांदी दोनों ही एक बार फिर ऊंचाई की ओर बढ़ते दिखे।
चांदी में ₹24,000 की छलांग
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, मंगलवार को चांदी की कीमत ₹24,000 यानी करीब 9.23 प्रतिशत उछलकर ₹2,84,000 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई। इससे एक दिन पहले सोमवार को चांदी ₹52,000 टूटकर ₹2,60,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।
गौरतलब है कि इससे पहले के तीन कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में कुल ₹1,44,500 यानी लगभग 36 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। 29 जनवरी को चांदी ने ₹4,04,500 प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, जिसके बाद इसमें तेज मुनाफावसूली देखने को मिली थी।
सोना भी संभला, ₹5,000 की बढ़त
सोने के भावों में भी रिकवरी दर्ज की गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹5,000 या करीब 3.3 प्रतिशत चढ़कर ₹1,57,700 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोमवार को इसका बंद भाव ₹1,52,700 प्रति 10 ग्राम था।
हालांकि, सोना अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे बना हुआ है। 29 जनवरी को सोना ₹1,83,000 प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था। उस स्तर से अब तक सोने में करीब ₹30,300 यानी लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।
निवेशकों की लौटी खरीदारी
बाजार जानकारों के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी को तरजीह दी है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, रिकॉर्ड तेजी के बाद आई तेज गिरावट के चलते सोना चार हफ्तों के निचले स्तर तक आ गया था, जहां से अब इसमें आंशिक रिकवरी देखने को मिल रही है। वहीं चांदी में भी दो दिन की भारी बिकवाली के बाद बॉटम फिशिंग के कारण कीमतों को मजबूती मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिला सपोर्ट
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में जोरदार तेजी दर्ज की गई। स्पॉट सिल्वर 12.07 प्रतिशत उछलकर 88.77 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट गोल्ड करीब 5.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,935.49 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला के मुताबिक, बीते दो सत्रों में 15 से 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद सोना और चांदी दोनों में तेज रिकवरी आई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा था, जिसकी वजह उच्च मार्जिन आवश्यकताएं और यह आशंका थी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती में देरी हो सकती है।
आगे क्या रहेगा रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर अमेरिका के आगामी रोजगार आंकड़ों पर रहेगी, जो फेड की अगली मौद्रिक नीति को लेकर संकेत दे सकते हैं। इसके अलावा चीन के बाजारों की गतिविधियां भी अहम होंगी। चीनी नववर्ष की छुट्टियों के बाद शंघाई और कॉमेक्स बाजारों के बीच प्रीमियम अंतर फिर से कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ला सकता है।
कुल मिलाकर, हालिया गिरावट के बाद आई यह तेजी बाजार में बढ़ती हलचल और निवेशकों की सक्रियता को दर्शाती है। अब देखना होगा कि यह मजबूती कितनी देर तक कायम रहती है।
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