लखनऊ ब्यूरो ( राज प्रताप सिंह ) : नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन को देखते हुए यूपी के 6 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अलीगढ़, मेरठ, कासगंज, बुलंदशहर, सहारनपुर, बरेली में धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही अलीगढ़, मेरठ और सहारनपुर में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई है।
इसके अलावा, अलीगढ़ में ईदगाह पर हजारों लोग जुट गए हैं। ये सभी नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं। इसे देखते हुए मौके पर भारी फोर्स की तैनाती की गई है और एडीजी भी शहर में ही हैं। प्रदर्शन का असर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक देखा जा रहा है।

उधर, दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में रविवार की रात छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई। जिसके बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हिंसा के संबंध में रविवार को दो मामले दर्ज किए गए।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने जामिया विश्वविद्यालय में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में दाखिल याचिका को सुनवाई के लिए तुरंत सूचीबद्ध करने से इनकार किया। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हमले की घटनाओं पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया।
- दरभंगा पुलिस की बालमित्र पहल :: सभी 40 थानों में Child Help Desk/Child Corner, DM कौशल कुमार और SSP जगुनाथ रेड्डी ने महिला थाना में फीता काट कर किया उद्घाटन
- दरभंगा में ‘मुस्लिम एलीट्स ऑफ वैशाली’ का विमोचन, प्रोफेसर तरज़ी और सैयद महमूद अहमद करीमी को मिला अलहुदा अवार्ड
- दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन दरभंगा की पहल, सहायक निदेशक आशीष अमन ने लाभुकों को सौंपी ट्राई साइकिल की चाबी
- लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 में 5 नामजद आरोपितों पर कार्रवाई, नाबालिग से छेड़खानी मामले का दरभंगा पुलिस ने किया खंडन
- दरभंगा शहर में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 दर्ज 3 हफ्ते बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए उपद्रव और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान पर सख्त रुख अपनाया। सुप्रीम कोर्ट नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करने पर सहमत हुआ। कोर्ट ने कहा कि हम बस इतना चाहते हैं कि उपद्रव बंद हो जाने चाहिए। नागरिकता कानून पर हो रही हिंसा पर संज्ञान लेने के वकीलों के कथन पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पर इस तरह से दबाव नहीं बनाया जा सकता।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !