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हिसार: 54 करोड़ की जीएसटी चोरी मामले में अहम गवाही, असिस्टेंट कमिश्नर की बयान प्रक्रिया जारी; 16 फरवरी को अगली सुनवाई

हिसार की अदालत में 54 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी से जुड़े बहुचर्चित मामले की सुनवाई एक बार फिर सुर्खियों में रही। फ्यूचर मेकर कंपनी से जुड़े इस कथित जीएसटी घोटाले में सोमवार को कंपनी के सीएमडी राधेश्याम और उनके पार्टनर व एमडी बंसीलाल की पेशी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। सुनवाई के दौरान जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर की गवाही दर्ज की गई, हालांकि समयाभाव के चलते बयान पूरा नहीं हो सका।

आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ता नरेश कुमार सचदेवा ने बताया कि असिस्टेंट कमिश्नर की शेष गवाही अब 16 फरवरी को पूरी की जाएगी। अदालत ने अगली तारीख निर्धारित करते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी है। इस केस को आर्थिक अपराधों की श्रेणी में बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

क्या है पूरा मामला

आयकर और जीएसटी विभाग की प्रारंभिक जांच के अनुसार, फ्यूचर मेकर कंपनी देशभर में लोगों को सदस्य बनाने के नाम पर उनसे 3,750 रुपये का शुल्क वसूल रही थी। बताया गया है कि इस प्रक्रिया के जरिए कंपनी ने करोड़ों रुपये की राशि एकत्र की, लेकिन नियमों के तहत देय जीएसटी सरकार के खाते में जमा नहीं कराई गई। विभागीय शिकायत के मुताबिक, कंपनी पर 54 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी बकाया है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि कंपनी को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन न तो किसी नोटिस का संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही बकाया टैक्स का भुगतान किया गया। इसके बाद जीएसटी विभाग ने आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए। वारंट जारी होने के बाद कंपनी के सीएमडी राधेश्याम और एमडी बंसीलाल ने 10 नवंबर 2025 को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।

जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

हिसार की अदालत ने मामले की गंभीरता, बड़ी राशि की जीएसटी चोरी और जांच की प्रकृति को देखते हुए दोनों आरोपियों की जमानत याचिका पहले ही खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर कर रखी है, जिस पर सुनवाई लंबित बताई जा रही है।

फिलहाल राधेश्याम और बंसीलाल दोनों सेंट्रल जेल नंबर दो, हिसार में न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत में चल रही गवाही और आने वाली सुनवाई को देखते हुए यह मामला आने वाले दिनों में और अहम मोड़ ले सकता है।

अदालत में गवाही का महत्व

कानूनी जानकारों के मुताबिक, जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर की गवाही इस मामले में बेहद अहम मानी जा रही है। इसी गवाही के आधार पर यह तय होगा कि कंपनी ने जानबूझकर टैक्स चोरी की या फिर नियमों की अनदेखी हुई। 16 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई में गवाही पूरी होने के बाद अदालत आगे की प्रक्रिया तय करेगी।

यह मामला न केवल फ्यूचर मेकर कंपनी के लिए, बल्कि देशभर में चल रही मल्टी-लेवल मार्केटिंग और सदस्यता आधारित व्यवसायों के लिए भी एक महत्वपूर्ण नजीर साबित हो सकता है। फिलहाल सभी की नजरें 16 फरवरी की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जब इस हाई-प्रोफाइल जीएसटी चोरी केस में आगे की तस्वीर और साफ हो सकती है।

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