उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में चीनी मांझे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। अलग-अलग घटनाओं में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ, जबकि दो बच्चे पतंगबाजी के दौरान हादसे का शिकार हो गए। इन घटनाओं ने चीनी मांझे पर लगे प्रतिबंध की हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जमालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मठना निवासी 35 वर्षीय विनोद पटेल शुक्रवार सुबह बाइक से दवा लेने बीएचयू गए थे। लौटते समय रामनगर किले के पास अचानक सड़क पर फैला चीनी मांझा उनके गले में उलझ गया। मांझा हटाने की कोशिश करते ही उनका गला गहराई से कट गया और वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।
स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए गमछे से गला बांधा और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उन्हें वाराणसी के अमरा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके गले में नौ टांके लगाए। इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इसी जिले के कौड़िया कला गांव में 10 वर्षीय सत्यम पतंग की कटी हुई रील पकड़ने दौड़ा। जैसे ही उसने चीनी मांझा हाथ में लिया, उसका हाथ बुरी तरह कट गया। परिजन उसे तुरंत मंडलीय अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार किया गया।
वहीं देहात कोतवाली क्षेत्र के जसोवर गांव में सात वर्षीय अमन छत पर पतंग उड़ा रहा था। छत पर सुरक्षा दीवार न होने के कारण वह संतुलन खो बैठा और नीचे गिर गया। बच्चे को गंभीर चोटें आईं और उसे भी मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि चीनी मांझा आम लोगों, खासकर बच्चों के लिए कितना खतरनाक साबित हो रहा है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !