डेस्क : प्याज उपभोक्ताओं की आंखों में लगातार आंसू ला रहा है। दिल्ली की आजादपुर मंडी में इसका भाव 25 परसेंट बढ़कर चार साल के ऊंचे स्तर पर चला गया।

इस दौरान यह दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 50 रुपये से लेकर 75 रुपये प्रति किलो तक के भाव पर बिका। हालांकि सरकार प्याज की कीमत को काबू में रखने का पूरा प्रयास कर रही है। सरकारी एजेंसियां खुले बाजार में प्याज की बिक्री कर रही हैं। इसके निर्यात पर दिए जाने वाले सभी लाभ हटा लिए गए हैं। इसके अलावा प्याज का मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (एमईपी) भी बढ़ा दिया गया है।
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जानकारों के मुताबिक बाजार में मांग के मुकाबले प्याज की आपूर्ति बहुत कम है, जिससे प्याज की कीमतों को संभालना मुश्किल हो रहा है। प्याज व्यापारी संगठन के प्रमुख राजेंद्र शर्मा ने बताया कि दिल्ली में प्याज की खपत करीब 3,000 टन रोजाना है, जबकि मार्केट में सिर्फ 1,000 टन प्याज ही पहुंच रहा है।

अगर ऐसा ही चलता रहा तो दीपावली तक थोक भाव 65 सौ रुपए क्विंटल से आठ हजार रुपए क्विंटल पर पहुंच जाएगा। वहीं उपभोक्ताओं को यह 90-100 रुपए किलो तक मिलेगा।इसके चलते प्याज के भाव में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है।

इसके अलावा अधिक बारिश होने से प्याज की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और दक्षिण के राज्यों से आने वाला प्याज भी समय से मंडी में नहीं पहुंच रहा है, जिससे उपलब्धता का संकट खड़ा हो गया है।
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