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रंजिश में मासूम बनी निशाना: 24 घंटे में पुलिस ने छुड़ाया, आरोपी गिरफ्तार

हरियाणा के गोहाना शहर में एक चौंकाने वाली घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया, जब महज तीन साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और तेज कार्रवाई के चलते बच्ची को 24 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

यह घटना गोहाना के गढ़ी सिसाये क्षेत्र की बताई जा रही है। यहां एक परिवार की छोटी बच्ची अचानक लापता हो गई, जिससे परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। शुरू में परिवार वालों को लगा कि बच्ची आसपास ही कहीं खेल रही होगी, लेकिन जब काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला, तो चिंता बढ़ती चली गई। परिजनों ने आस-पड़ोस में खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

घबराए परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। बच्ची की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गईं और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। साथ ही, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई, ताकि किसी संदिग्ध की पहचान की जा सके।

जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। पुलिस को शक हुआ कि बच्ची के गायब होने के पीछे किसी जान-पहचान वाले का हाथ हो सकता है। इसी शक के आधार पर पुलिस ने बच्ची के पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति पर नजर रखनी शुरू की।

धीरे-धीरे जांच में यह साफ हो गया कि आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी का बच्ची के परिवार से पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दुश्मनी को दिल में रखकर उसने मासूम को निशाना बनाया।

आरोपी की पहचान शशि फुलरिया के रूप में हुई, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। वह गोहाना में मजदूरी करता था और किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि वह बच्ची को लेकर बिहार भागने की योजना बना रहा था, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके।

गोहाना के एसीपी राहुल देव के अनुसार, पुलिस को जैसे ही आरोपी के बारे में ठोस जानकारी मिली, तुरंत उसकी तलाश तेज कर दी गई। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली की ओर बढ़ रहा है।

इसके बाद पुलिस की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दिल्ली के मयूर विहार इलाके में दबिश दी। वहां से आरोपी को बच्ची के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। बच्ची पूरी तरह सुरक्षित मिली, जिससे परिजनों और पुलिस दोनों ने राहत की सांस ली।

बच्ची को तुरंत मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसके साथ कोई गलत हरकत नहीं हुई है। डॉक्टरों की टीम द्वारा जांच के बाद बच्ची को उसके परिवार को सौंप दिया जाएगा।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है। अगर समय पर कदम नहीं उठाया जाता, तो आरोपी बच्ची को लेकर बिहार भाग सकता था, जिससे उसे ढूंढना और भी मुश्किल हो जाता। लेकिन पुलिस की सक्रियता ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने यह कदम बदले की भावना से उठाया था। हालांकि, पुलिस अभी भी उससे गहराई से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके पीछे कोई और कारण या साजिश तो नहीं थी। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं था।

इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच डर और गुस्से का माहौल है। लोग इस बात से हैरान हैं कि कोई व्यक्ति अपनी निजी दुश्मनी के चलते एक मासूम बच्ची को निशाना बना सकता है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तत्परता के कारण ही बच्ची सुरक्षित वापस मिल पाई।

बच्ची के परिजनों ने भी पुलिस का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह समय बेहद कठिन था, लेकिन पुलिस ने उनकी उम्मीदों को टूटने नहीं दिया। उनकी बच्ची का सुरक्षित लौट आना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उससे और जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास क्या है और उसने पहले भी इस तरह की किसी वारदात को अंजाम दिया है या नहीं।

यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी भी है। छोटी-छोटी रंजिशें कभी-कभी इतने बड़े अपराध का रूप ले लेती हैं, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ता है। खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। साथ ही, बच्चों को अकेला न छोड़ें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।

अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि गोहाना पुलिस की तेजी और सूझबूझ ने एक मासूम की जिंदगी बचा ली। यह घटना जहां एक ओर समाज को सतर्क रहने का संदेश देती है, वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाती है कि समय पर की गई कार्रवाई किस तरह बड़े अपराध को टाल सकती है।

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