सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा : अललपट्टी-दोनार के बीच संचालित हेरीटेज हॉस्पिटल में जान बूझकर की गयी लापरवाही की वजह से 26 जून को सुषमा प्रसाद की मौत हो गयी. इलाज के नाम पर लगभग एक लाख रुपया लेने के बाद मृतका का शव सुपुर्द किया गया.
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समाहरणालय के पंचायती राज विभाग में प्रधान लिपिक सह मदारपुर निवासी माया शंकर प्रसाद ने प्रभारी डीएम सह डीडीसी तनय सुल्तानिया से यह शिकायत की है. उन्होंने अपनी शिकायत के साथ शपथ पत्र एवं कई साक्ष्य भी दिये हैं. पूछे जाने पर प्रभारी डीएम सह डीडीसी ने बताया कि मामला गंभीर है. डीएम अभी जिला से बाहर है. उनके आने पर आवेदन पर विचार किया जाएगा.

माया शंकर ने कहा है कि किडनी रोगी मरीज को हार्ट अटैक की सूई डोबूसीन चला दी गयी, जिससे मरीज कीजान चली गयी इलाज एवं दवा के नाम पर लगभग एक लाख रुपया वसूलने के बाद लाश दी गयी. इस दौरान अभद्र व्यवहार किया गया, बेहतर इलाज के लिए रेफर करने के बजाय मोटी रकम बनाने के लिए रोगी को रोक रखा गया.

आवेदक ने प्रभारी डीएम से कहा है कि जरूरत से अधिक दवाओं का प्रयोग करने के साथ गलत इलाज की वजह से जब हालत बिगड़ गयी,

तब हॉस्पिटल की महिला कर्मी प्रियंका के हवाले कर डॉ नीरज इलाज बीच में ही छोड़कर निकल लिये. उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर उच्च स्तरीय जांच (मेडिकल टीम की निगरानी में) की प्रधान लिपिक ने मांग की है।



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