हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा क्षेत्र में संगम मार्केट स्थित एक नेपाली परिवार के घर के बाहर की गई फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। हाल ही में तीन और आरोपियों को पकड़ा गया है, जबकि इस पूरी वारदात का मुख्य साजिशकर्ता आदित्य उर्फ आदी राणा और उसका करीबी साथी तुषार पंडित अब भी फरार चल रहे हैं।

डर फैलाने के इरादे से रची गई साजिश
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह घटना केवल एक झगड़े का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे परिवार को डराने और इलाके में अपनी धाक जमाने की मंशा थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया, ताकि पीड़ित परिवार मानसिक रूप से भयभीत हो जाए और इलाके में उनका दबदबा कायम हो सके।
छोटे विवाद से शुरू हुआ बड़ा मामला
पीड़ित परिवार की सदस्य गीता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 18 मार्च की शाम वे अपने घर में सामान्य रूप से बैठे हुए थे। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाला आदित्य राणा अचानक उनके घर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। बात बढ़ने पर उसने गीता के भाई के साथ मारपीट भी की और वहां से चला गया।
जानकारी के अनुसार, आदित्य राणा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला है और फिलहाल लाडवा में अपनी नानी के घर रह रहा था। इस घटना के बाद परिवार ने सोचा कि मामला यहीं खत्म हो जाएगा, लेकिन रात में स्थिति और बिगड़ गई।
रात में दोबारा हमला, बढ़ी दहशत
पहली घटना के कुछ घंटों बाद ही, देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच आदित्य राणा अपने साथी तुषार पंडित और 7-8 अन्य युवकों के साथ फिर से घर पहुंचा। इस बार उन्होंने परिवार के सदस्यों संतोष और शेर सिंह के साथ मारपीट की।
इस अचानक हुए हमले से परिवार के लोग डर गए और उन्होंने तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को समझाकर वहां से भेज दिया। साथ ही उन्हें अगले दिन थाने में आने के लिए कहा गया।
पुलिस के जाने के बाद फिर लौटे आरोपी
हालांकि पुलिस की मौजूदगी में मामला शांत होता दिख रहा था, लेकिन आरोपियों के इरादे अभी भी आक्रामक थे। पुलिस के जाने के कुछ समय बाद ही उन्होंने एक और खतरनाक कदम उठाया।
रात करीब 2 बजे आरोपी एक बार फिर से घर के बाहर पहुंचे और इस बार उन्होंने सीधे फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने करीब 7 राउंड गोलियां चलाईं और परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
फायरिंग से फैली सनसनी, लोग सहमे
रात के सन्नाटे में अचानक हुई फायरिंग की आवाज से आसपास के लोग भी घबरा गए। पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस फिर से मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से 7 खाली कारतूस बरामद किए गए, जिससे यह पुष्टि हुई कि आरोपियों ने जानबूझकर फायरिंग की थी।
सीआईए की जांच में खुल रहे राज
इस मामले की जांच सीआईए लाडवा को सौंपी गई है, जो तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने कई अहम सुराग जुटाए, जिनकी मदद से आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ।
24 मार्च को पुलिस ने दो नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया था। उनके कब्जे से एक कार भी बरामद की गई, जिसका इस्तेमाल घटना में किया गया था। बाद में दोनों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने अब सावेज, सिमरत उर्फ रोड़ा और तुषार उर्फ बामण नामक तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी लाडवा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं और वारदात में सक्रिय रूप से शामिल थे।
पूछताछ के दौरान इन आरोपियों से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। पुलिस का मानना है कि सभी आरोपियों की भूमिका पहले से तय थी और उन्होंने मिलकर इस हमले की योजना बनाई थी।
मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस से दूर
हालांकि पुलिस ने कई आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन इस मामले का मुख्य आरोपी आदित्य उर्फ आदी राणा और उसका साथी तुषार पंडित अब भी फरार हैं। पुलिस की टीमें लगातार उनकी तलाश में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
इस घटना के बाद संगम मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
पुलिस ने लोगों को आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
कुरुक्षेत्र के लाडवा में हुआ यह फायरिंग कांड केवल एक आपसी विवाद का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से डर फैलाने की कोशिश भी है। पुलिस की सक्रियता से कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक फरार आरोपियों को पकड़कर इस पूरे मामले का पर्दाफाश करती है। फिलहाल इलाके में सतर्कता बरती जा रही है और लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !