गुरुग्राम से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां निजी रिश्ते में चल रहे विवाद ने एक पढ़े-लिखे युवक को कानून तोड़ने पर मजबूर कर दिया। पुलिस ने एक लॉ प्रोफेशनल को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड का इंटरव्यू टालने के लिए कॉरपोरेट बिल्डिंग को बम से उड़ाने की फर्जी धमकी दे डाली। मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को भी कुछ समय के लिए अलर्ट पर ला दिया।

सुबह-सुबह मिला धमकी भरा मेल
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-43 स्थित ‘डीएलएफ होराइजन सेंटर’ में मंगलवार सुबह करीब 9:15 बजे एक कंपनी के आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा संदेश मिला। मेल में दावा किया गया था कि बिल्डिंग में बम रखा गया है और उसे उड़ाया जाएगा। संदेश मिलते ही कंपनी प्रबंधन के होश उड़ गए और तुरंत सुरक्षा एजेंसियों व पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंच गए। पूरी इमारत और आसपास के क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली गई। कई घंटों की जांच के बाद पुलिस ने साफ किया कि परिसर में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले को गंभीरता से लेते हुए सुशांत लोक थाना पुलिस ने ईमेल की तकनीकी जांच शुरू की। साइबर ट्रैकिंग के जरिए पुलिस जल्द ही आरोपी तक पहुंच गई। जांच में पता चला कि धमकी देने वाला कोई आतंकी नहीं, बल्कि गुरुग्राम में काम करने वाला एक 29 वर्षीय लॉ प्रोफेशनल है।
बुधवार को पुलिस टीम ने उसे सेक्टर-31 इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
प्रेम संबंध बना वजह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी मूल रूप से कोलकाता का निवासी है और उसने लंदन से एलएलएम की पढ़ाई की है। फिलहाल वह गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में विधि विशेषज्ञ के तौर पर काम कर रहा था। उसका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
पूछताछ में उसने बताया कि उसकी गर्लफ्रेंड का सेक्टर-43 स्थित डीएलएफ होराइजन सेंटर की एक कंपनी में इंटरव्यू तय था। दोनों के बीच हाल ही में विवाद हुआ था और वह नहीं चाहता था कि उसकी प्रेमिका इंटरव्यू देने जाए।
डर का माहौल बनाने की थी योजना
एसीपी विकास कौशिक के मुताबिक, आरोपी ने बिल्डिंग का ईमेल आईडी इंटरनेट से खोजा और वहां बम धमकी वाला फर्जी मेल भेज दिया। उसका इरादा था कि बिल्डिंग में हड़कंप मचेगा और इंटरव्यू टाल दिया जाएगा।
आरोपी को यह भी उम्मीद थी कि उसकी गर्लफ्रेंड घबराकर उससे संपर्क करेगी और वह इस मौके का फायदा उठाकर अपने रिश्ते में चल रही खटास दूर कर लेगा। लेकिन उसकी यह चाल उलटी पड़ गई और पुलिस जांच में वह खुद ही फंस गया।
पुलिस ने जब्त किए डिजिटल सबूत
गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर लिए हैं। साइबर टीम यह जांच कर रही है कि धमकी भेजने के लिए उसने कौन-कौन से प्लेटफॉर्म और नेटवर्क का इस्तेमाल किया। डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सुशांत लोक थाने में केस दर्ज
कंपनी के सुरक्षा अधिकारियों की शिकायत पर सुशांत लोक थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ जारी है और जरूरत पड़ने पर उसे रिमांड पर भी लिया जा सकता है।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की फर्जी बम धमकियां बेहद गंभीर अपराध हैं। इससे न केवल सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों की बर्बादी होती है, बल्कि आम लोगों में अनावश्यक दहशत भी फैलती है। हर सूचना को गंभीर मानकर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ता है।
सीख देने वाला मामला
यह घटना बताती है कि निजी विवाद में लिया गया एक गलत फैसला किस तरह बड़े कानूनी संकट में बदल सकता है। पढ़े-लिखे लोगों द्वारा भी इस तरह की गैरजिम्मेदाराना हरकतें चिंता बढ़ाती हैं।
फिलहाल गुरुग्राम पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की झूठी धमकी या अफवाह फैलाने से बचें, क्योंकि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।
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