टूंडला में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय शराब तस्करी के नेटवर्क को झटका दिया है। पंजाब से बिहार ले जाई जा रही करीब 92 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब की खेप को हाईवे पर पकड़ा गया। इस कार्रवाई में 753 पेटियां बरामद की गईं और ट्रक चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस इसे शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है।

मंगलवार को पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि हाईवे सर्विस रोड पर नगला महादेव के पास एक ट्रक संदिग्ध हालत में खड़ा है, जिसमें भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब लदी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। सीओ अरुण कुमार चौरसिया के नेतृत्व में टूंडला थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और बताए गए स्थान की घेराबंदी कर दी।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को चारों तरफ से घेर लिया ताकि चालक को भागने का कोई मौका न मिल सके। जब ट्रक की तलाशी ली गई तो अंदर रखी शराब की पेटियों को देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। ट्रक में विभिन्न ब्रांडों की कुल 753 पेटियां भरी हुई थीं। शुरुआती आकलन में बरामद शराब की कीमत लगभग 92 लाख रुपये आंकी गई।
मौके से पकड़े गए ट्रक चालक की पहचान मदनलाल के रूप में हुई, जो राजस्थान के बाड़मेर जिले के रामसर थाना क्षेत्र के मेघवालों का वास मोहल्ले का निवासी है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पंजाब के संगरुर जिले से शराब की खेप लेकर बिहार जा रहा था।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके चलते वहां शराब की मांग अवैध रूप से बनी रहती है। प्रतिबंध के कारण शराब ऊंचे दामों पर बिकती है और तस्करों को मोटा मुनाफा होता है। इसी लालच में वह यह खेप लेकर जा रहा था। उसने यह भी बताया कि उसे इस खेप को सुरक्षित बिहार पहुंचाने के लिए अच्छी रकम देने का वादा किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई छोटी-मोटी तस्करी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब का परिवहन बिना संगठित गिरोह के संभव नहीं है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप का असली मालिक कौन है और इसके पीछे किन-किन लोगों का हाथ है। जब्त किए गए मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
सीओ अरुण कुमार चौरसिया ने बताया कि शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार हाईवे और सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चला रही है। हाल के दिनों में कई राज्यों से शराब की अवैध खेप बिहार की ओर ले जाने के प्रयास पकड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी के कारण तस्करों के मंसूबे नाकाम हो रहे हैं।
इस कार्रवाई में शामिल एसओजी और सर्विलांस टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी निगरानी और सटीक सूचना के आधार पर ही यह कार्रवाई संभव हो सकी। पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते सूचना पर कार्रवाई न की जाती तो यह पूरी खेप बिहार पहुंच सकती थी और अवैध बाजार में खप जाती।
ट्रक और शराब को जब्त कर थाना परिसर लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
शराबबंदी वाले राज्यों में अवैध शराब की तस्करी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर शराब की खेप को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। कई बार ट्रकों में फर्जी बिल्टी और दूसरे सामान के बीच शराब छिपाकर ले जाई जाती है। इस मामले में भी पुलिस यह जांच कर रही है कि ट्रक में शराब को किस तरह छिपाया गया था और क्या इसके लिए कोई फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर इस तरह की कार्रवाई से साफ है कि पुलिस सतर्क है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत सूचना दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
फिलहाल इस बड़ी बरामदगी के बाद तस्करी के नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार चालक से पूछताछ में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
इस तरह पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से लाखों रुपये की अवैध शराब बाजार में पहुंचने से पहले ही पकड़ ली गई, जिससे एक बड़े अवैध कारोबार पर रोक लग सकी है।
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