माघ मेले के दौरान प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर शनिवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कुछ अज्ञात युवकों ने नारेबाजी करते हुए शिविर में घुसने की कोशिश की। आरोप है कि ये लोग लाठी-डंडों से लैस थे और शंकराचार्य व उनके अनुयायियों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से पहुंचे थे। घटना के बाद शंकराचार्य पक्ष ने जान का खतरा जताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
शिविर प्रभारी पंकज पांडेय की ओर से थाना कल्पवासी मेला क्षेत्र में दी गई तहरीर में बताया गया है कि शनिवार शाम करीब 6:30 बजे कुछ असामाजिक तत्व शिविर के बाहर पहुंचे और आपत्तिजनक नारे लगाने लगे। आरोप है कि उनकी मंशा केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे भीतर घुसकर हिंसा फैलाने की तैयारी में थे।
CCTV फुटेज में दिखे नारेबाज
घटना के बाद शंकराचार्य शिविर की ओर से सीसीटीवी फुटेज भी जारी किए गए हैं, जिनमें कुछ युवक शिविर के बाहर खड़े होकर नारे लगाते हुए दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। शिविर प्रशासन का दावा है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि यदि समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया होता, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। शिविर प्रभारी ने प्रशासन से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की स्थायी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन के बयान से बढ़ी उलझन
मामले पर एसपी माघ मेला नीरज पांडेय ने कहा है कि नारेबाजी की सूचना उन्हें मिली थी, हालांकि उनके अनुसार अभी तक औपचारिक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि तहरीर मिलते ही पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, शंकराचार्य पक्ष का दावा है कि तहरीर दी जा चुकी है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर तालमेल की कमी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
घटना के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में सुरक्षा को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में रात के समय कुछ अपरिचित लोगों की गतिविधियां शिविर के आसपास देखी गई हैं, जिन्हें रेकी करने वाला माना जा रहा है।
इसी आशंका के चलते शिविर के आसपास 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगिराज सरकार ने दावा किया है कि कई बार प्रशासनिक अमला रात में आकर नोटिस चस्पा करता रहा है, जिससे शिविर में रहने वालों की चिंता और बढ़ गई है।
निगरानी के आरोप
शैलेंद्र योगिराज सरकार ने यह आरोप भी लगाया कि सादी वर्दी में एलआईयू सहित प्रदेश और केंद्र की विभिन्न एजेंसियों के लोग शिविर में आने-जाने वालों पर नजर रख रहे हैं। उनका कहना है कि इससे यह संदेश जा रहा है कि शंकराचार्य और उनके अनुयायी लगातार निगरानी में हैं, जो असुरक्षा की भावना को और गहरा करता है।
माघ मेले की सुरक्षा पर सवाल
माघ मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में एक प्रमुख धर्माचार्य के शिविर के बाहर घुसपैठ की कोशिश और नारेबाजी की घटना सामने आना सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।
शंकराचार्य समर्थकों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति और भी तनावपूर्ण हो सकती है। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और शंकराचार्य व उनके अनुयायियों की सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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