उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। घूरपुर थाना क्षेत्र के छोटी कांटी गांव के सामने रीवा रोड पर शनिवार शाम एक तेज रफ्तार एंबुलेंस ने सड़क किनारे खड़े दो स्कूली छात्रों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में दोनों मासूमों की मौत हो गई, जबकि एंबुलेंस चालक खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गया है।

हादसा शनिवार शाम करीब पांच बजे हुआ, जब गांव निवासी रिंकू पटेल (17) और शोभित पटेल (12) सड़क किनारे साइकिल के साथ खड़े थे। रिंकू कक्षा 11वीं का छात्र था, जबकि शोभित छठी में पढ़ता था। दोनों बच्चे रोज की तरह गांव के सामने सड़क पर खड़े होकर बातचीत कर रहे थे, तभी रीवा की ओर से आ रही 102 एंबुलेंस अचानक अनियंत्रित हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार एंबुलेंस ने पहले दोनों छात्रों को रौंदा और फिर सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही रिंकू पटेल की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल शोभित पटेल को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन एसआरएन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने भी दम तोड़ दिया।
गांव में पसरा मातम
हादसे की खबर मिलते ही छोटी कांटी गांव में कोहराम मच गया। दोनों छात्रों के घरों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के मुताबिक, रिंकू और शोभित दोनों ही पढ़ाई में अच्छे थे और परिवार की उम्मीद माने जाते थे।
चालक भी गंभीर, FIR दर्ज
हादसे में एंबुलेंस चालक राजेंद्र को भी गंभीर चोटें आई हैं। उसे पहले सीएचसी जसरा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, चालक की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है।
घूरपुर थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त एंबुलेंस को जेसीबी की मदद से थाने भिजवाया। मृतक छात्रों के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने एंबुलेंस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
मजदूरी करने वाले पिता, टूटा सहारे का सपना
हादसे ने दो गरीब परिवारों की दुनिया उजाड़ दी है। मृतक रिंकू के पिता दुर्गा प्रसाद पटेल और शोभित के पिता दारा पटेल दोनों ही मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बच्चों की पढ़ाई को लेकर उन्होंने कई सपने देखे थे, जो इस हादसे में चकनाचूर हो गए।
पुलिस ने दोनों छात्रों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन की ओर से भी मदद का भरोसा दिलाया गया है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम बारा प्रेरणा गौतम से बात कर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों और आपातकालीन सेवाओं की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रीवा रोड पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। लोगों ने प्रशासन से इस सड़क पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
दो मासूम छात्रों की असमय मौत ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस, लापरवाही की वजह से जिंदगी छीनने का कारण कैसे बन गई। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !