पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और भरतपुर से विधायक हुमायूं कबीर के समधी की करोड़ों की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, ड्रग तस्करी से जुड़े एक लंबे समय से चल रहे मामले में शरीफुल इस्लाम की लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां चिन्हित की गई हैं।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि ललगोला थाना क्षेत्र के निवासी शरीफुल इस्लाम पर कई वर्षों से नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल रहने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि अवैध कारोबार से अर्जित धन का उपयोग कर उन्होंने जमीन, मकान और अन्य व्यावसायिक संपत्तियां खरीदी थीं। इन्हीं संपत्तियों को अब कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त किया जा रहा है।
रिश्तों से जुड़ा मामला, राजनीति में हलचल
शरीफुल इस्लाम, निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर की बेटी नजमा सुल्ताना के ससुर बताए जा रहे हैं। इस पारिवारिक संबंध के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया है। विपक्षी दलों ने इसे राज्य में बढ़ते ड्रग नेटवर्क और राजनीतिक संरक्षण से जोड़ते हुए तृणमूल कांग्रेस पर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, विधायक हुमायूं कबीर ने अपने समधी पर लगे आरोपों से खुद को अलग करते हुए किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह मामला कानून और जांच एजेंसियों का है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।
कैसे हुई कार्रवाई की शुरुआत
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक पुराने मामले की गहन जांच के बाद सामने आई है। जांच के दौरान यह संकेत मिले कि शरीफुल इस्लाम की आय के ज्ञात स्रोत उनकी संपत्तियों के मूल्य से मेल नहीं खाते। इसके बाद वित्तीय लेनदेन और संपत्ति खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें कई संदिग्ध तथ्य सामने आए।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर संपत्तियों की पहचान की और अब उन्हें जब्त करने की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम है।
ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्ती
मुर्शिदाबाद और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में नशीले पदार्थों की तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। पुलिस का दावा है कि हाल के महीनों में ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और कई बड़े नाम जांच के दायरे में आए हैं।
अधिकारियों का यह भी कहना है कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त करने से तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल, संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में और लोग या नेटवर्क जुड़े पाए गए, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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