उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शनिवार देर रात एक भीषण अग्निकांड ने इलाके में दहशत फैला दी। नगर के पटना चौराहे से कालीचौरा मार्ग पर स्थित नानाजी देशमुख नगर में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की चपेट में आकर दो दुकानें पूरी तरह जल गईं और उनमें रखा लाखों रुपये का सामान राख में तब्दील हो गया।

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि प्रशासनिक टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
देर रात लगी आग, लोगों की नींद टूटी
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना रात लगभग दो बजे की है, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। अचानक एक इमारत से उठती लपटें और धुआं दिखाई देने लगा। देखते ही देखते आग ने तेजी से फैलना शुरू कर दिया।
जिस भवन में आग लगी वह तीन मंजिला मकान था, जिसमें नीचे किराना दुकान संचालित थी। दुकान में बड़ी मात्रा में खाद्य तेल, पैकिंग सामग्री, टेंट के कपड़े और त्योहार के लिए रखा अबीर-गुलाल मौजूद था। इन ज्वलनशील वस्तुओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में भयानक रूप ले लिया।
पटाखा दुकान तक पहुंची आग, धमाकों से दहला इलाका
किराना दुकान से उठी लपटें जल्द ही बगल में स्थित पटाखों की दुकान तक पहुंच गईं। जैसे ही पटाखों ने आग पकड़ी, तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने लगीं।
इन धमाकों से आसपास के घरों में दहशत फैल गई। लोग घरों से बाहर निकल आए और बच्चों व बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। कई लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
दमकल की छह गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए एक-दो नहीं बल्कि छह दमकल गाड़ियों को बुलाया गया।
दमकल कर्मियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक नियंत्रण पाया। संकरी सड़क और आसपास खड़ी गाड़ियों के कारण दमकल को शुरुआती समय में दिक्कतें आईं, लेकिन स्थानीय लोगों के सहयोग से रास्ता साफ कराया गया।
लाखों का नुकसान, त्योहार की तैयारी राख
दुकानदारों के अनुसार आग में दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जल गया। किराना सामग्री, तेल के ड्रम, त्योहार का स्टॉक, कपड़े और पटाखे सब खाक हो गए।
चूंकि त्योहार नजदीक था, इसलिए दुकानदार ने अतिरिक्त माल मंगवाया था। इसी वजह से नुकसान और अधिक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि वास्तविक आंकड़ा जांच के बाद ही सामने आएगा।
भवन में रहने वालों की जान बची
आग जिस इमारत में लगी, उसमें ऊपर के तल पर परिवार के सदस्य रहते थे। धुआं भरने लगा तो उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया। समय रहते लोगों के बाहर निकल आने से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग कुछ देर और अनियंत्रित रहती तो बड़ी जनहानि भी हो सकती थी।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर घटना का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है। बताया जा रहा है कि रात में अचानक तारों में स्पार्क हुआ और उससे आग लग गई।
हालांकि बिजली विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या दुकान में अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
प्रशासन ने दिए सतर्कता के निर्देश
घटना के बाद प्रशासन ने व्यापारियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे दुकानों और घरों में बिजली के तारों की नियमित जांच कराते रहें। त्योहारों के समय अधिक ज्वलनशील सामान जमा करने पर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
अधिकारियों ने कहा कि अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म और सुरक्षित वायरिंग जैसी व्यवस्थाएं छोटी दिखती हैं, लेकिन आपदा के समय यही जान-माल की रक्षा कर सकती हैं।
इलाके में छाया सन्नाटा
घटना के बाद पूरे इलाके में देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग आग बुझने तक मौके पर डटे रहे। सुबह होते-होते जली दुकानों से उठती राख और धुआं घटना की भयावहता का गवाह बन गया।
कई दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजारों में नियमित अग्नि सुरक्षा जांच होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सबक देने वाली घटना
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि बिजली की छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। खासकर बाजार क्षेत्रों में जहां ज्वलनशील सामान रखा होता है, वहां सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
स्थानीय प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और पीड़ित दुकानदारों को राहत दिलाने की कोशिश की जाएगी।
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