दरभंगा : लाख प्रयास के बाद भी दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाएं सुदृढ़ नहीं हो पा रही हैं। यदि आप रात में बीमार पड़ते हैं और डीएमसीएच में ईलाज करवाने जाना चाहते हैं तो ना जाने आपको बेहतर उपचार सुविधा मुहैया हो पाएगा या नहीं क्योंकि डीएमसीएच में दिन में भी नर्स द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। ऐसा लगता है कि नर्स स्टाफ ड्यूटी करने नहीं बल्कि सोने जाते हैं।

ऐसा ही नजारा शुक्रवार को डीएमसीएच में देखने को मिला। डीएमसीएच के आपातकालीन सर्जरी (पुरुष) वार्ड में शाम 5.38 बजे ड्यूटी के दौरान स्टाफ नर्स गहरी नींद में खर्राटे मार सो रही थी। जगाने पर जागी तो सोने को लेकर बहाना बना दिया। मरीजों के परिजन जहां दिन रात जगकर पीड़ित का फिक्र करते हैं वहीं स्टाफ नर्स बेफिक्र होकर दिन में भी सोती रहती हैं।
सोती मिली स्टाफ नर्स को जगाने के बाद जब इस मामले पर पूछा गया तो बहाना बना कर पल्ला झाड़ने लगी। नींद में सोई मिली स्टाफ नर्स ने अपना नाम पुतुल बताया और कहा कि अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती है और प्रतिदिन ड्यूटी करना पड़ता है। एक दिन का नहीं रोज का काम है इसलिए सरदर्द के कारण सो जाती हूं।
बड़ा सवाल यह है कि डीएमसीएच के आपातकालीन विभाग में गंभीर हालत में मरीज भर्ती होते हैं और इमरजेंसी विभाग में पुतुल जैसी स्टाफ नर्स के कारण मरीजों को जान गंवानी पड़ती है। इमरजेंसी विभाग में ड्यूटी के दौरान खर्राटे भर गहरी नींद में सोना किसी अनपढ़ को भी समझ में आ जाएगा कि इसी लापरवाही से मरीजों की जान जाती है सिवाय इनकी समझ से ? इनके लिए यह रोज की बात है क्योंकि एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती तो सरदर्द से सो जाती है यह इनके पास जवाब है।

जी हां शुक्रवार को दिन के 5.38 बजे अपराह्न अ में डीएमसीएच आपातकाल विभाग के सर्जरी पुरुष वार्ड की स्थिति काफी चौंकाने वाली दिखीं। ड्यूटी के दौरान स्टाफ नर्स पुतुल कुर्सी पर ही गहरी नींद में सो रही थी। जबकि उस कमरे में सभी मरीजों के परिजन जागे हुए थे। ड्यूटी में तैनात स्टाफ नर्स पुतुल को गहरी नींद में सोने को लेकर इस दौरान भर्ती मरीजों के परिजन वाटल आदि बदलने सहित मरीज की अन्य परेशानी को लेकर नर्स को नींद से जगा नहीं पा रहे थे उन्हें डर लग रहा था कि नर्स मैडम गुस्सा करेंगी और कहीं गुस्से में मेरे मरीज का ध्यान नहीं रखेंगी।
गौरतलब है कि डीएमसीएच में लापरवाही का मामला बार बार उजागर हो रही है कभी कभी तो कार्रवाई भी की जाती है फिर भी स्टाफ नर्स की मनमानी चरम पर है और इनकी लापरवाही से मरीजों का इलाज सही समय पर नहीं हो पाता जिससे मरीज की मौत हो जाती है।
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