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बिहार :: नाबार्ड द्वारा स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2019 का आयोजन

पटना (संजय कुमार मुनचुन) : कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि वर्तमान में बदलते मौसम में कृषि को कैसे सुदृढ़ किया जाये इस ध्यान देने की आवश्यकता है .बिहार की अर्थव्यस्था करीब -करीब कृषि पर हीं आधारित है . बिहार सरकार किसनों का कैसे समेकित विकास हो इसपर ध्यान दे रही है. किसानों को खेती के अलावा मछली पालन ,मुर्गी पालन ,बकरी पालन और अन्य व्यवसाय से भी बिहार सरकार किसानों को जोड़ने की हर संभंव प्रयास कर रही है . 
साथ -साथ बिहार सरकार जैविक खेती का कैसे विकास हो इस पर भी काम कर रही है. राज्य के किसानों के समग्र विकास में नाबार्ड भी काम कर रही है. कृषि यंत्र के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए राज्य सरकार प्रोत्साहित कर रही है ,बैंक को भी आगे आना होगा ,अन्य राज्यों की तुलना में बिहार में किसानों को बैंकों का कम सहयोग मिल रहा है,हमारा बैंकों से आग्रह है ,किसानों को ऋण देने में आगे आयें . वर्षा जल संचय पर भी कृषि विभाग ध्यान दे रही है,जिससे आने वाले समय में किसानों को सिंचाई में भी कोई तकलीफ नही हो .बिहार का व्यंजन हर थाली में इस पर कृषि विभाग पूर्णरुपेन कार्य कर रही है. किसानों के लिए एक ऐसा एप्प बनाने पर भी हमलोग काम कर रहें जिससे किसानों को घर बैठे मोबाईल से सभी अनाजों का वर्तमान मुल्य मालूम चल जाए . हम चाहते हैं नाबार्ड बिहार के किसानों की समग्र विकास में अपनी सहभागिता और बढ़ाएं .

  • कृषि का कैसे विकास हो ,उत्पादन को कैसे बढ़ाया जाए इसपर ध्यान देने की आवश्यकता है.नाबार्ड को बिहार कृषि की व्यवस्था को कैसे विकसित किया जाए इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है. – एस सिदार्थ वित् विभाग प्रधान सचिव ,बिहार सरकार

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार फसल बीमा योजना की गति बहुत धीमी है, हम बैंको से कहना चाहेंगे इस तरह की समस्या क्यों आ रही है.

 हमारा बैंकों से आग्रह है ,किसानों को ऋण देने में आगे आएँ. आज किसानों की मेहनत से हीं अब बिहार की मछली बाहर जा रही है ,अंडा का उत्पादन भी काफी मात्रा हो रही है,अब आंध्रा ,बंगाल की मछली बिहार में बहुत कम आ रही है.इन सब चींजों देखते हुए अगर हम किसानों की सहायता में आगे नही आएँगे तो कैसे होगा . अच्छी तरह से अगर ऋण की मोनेटरिंग की जाएगी तो किसान जल्दी से अपना ऋण भी वापस कर देगी .किसानों और बैंको के बीच अच्छा संबंध होना चाहिए .बैंक छोटे किसानों को ऋण देने से कतराती है. हम चाहते हैं बैंक छोटे किसानों को ऋण देने में आगे आएँ और अच्छा पलोसी बनाएँ जिससे समय पर ऋण और समय पर वसूली भी हो जाए.

बिहार सरकार चाहती है बैंक हमारी गति से चलें ,ताकि राज्य के किसानों का बेहतर विकास हो . बिहार सरकार बैंकों को आने वाले वितीय वर्ष में 95% का टारगेट देगी .हमे उम्मीद है बैंक हमे इसमें सहयोग करेगी .

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