पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से नई दिल्ली जा रही अकासा एयरलाइंस की एक नियमित उड़ान उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब आसमान में ही एक यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई। फ्लाइट संख्या क्यूपी-1833 में सवार एक यात्री को उड़ान के दौरान हार्ट अटैक आने की सूचना मिली, जिसके बाद विमान को आपात स्थिति में वाराणसी एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। इस घटना ने न सिर्फ यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बना दिया, बल्कि एयरलाइंस के क्रू मेंबर्स की तत्परता और सूझबूझ की भी मिसाल पेश की।

बताया जा रहा है कि बागडोगरा से दिल्ली के लिए रवाना हुई इस उड़ान में कुल 185 यात्री सवार थे। उड़ान सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक एक यात्री दिलप्रीत सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें सीने में तेज दर्द और घबराहट महसूस होने लगी। आसपास बैठे यात्रियों ने तुरंत इस बारे में केबिन क्रू को सूचना दी।
सूचना मिलते ही क्रू मेंबर्स ने बिना समय गंवाए स्थिति को संभालना शुरू कर दिया। प्रारंभिक जांच में यात्री की हालत नाजुक लग रही थी और हार्ट अटैक की आशंका जताई गई। इसके बाद फ्लाइट में मौजूद मेडिकल किट की मदद से क्रू मेंबर्स ने यात्री को प्राथमिक उपचार देना शुरू किया। खास बात यह रही कि प्रशिक्षित क्रू मेंबर्स ने यात्री को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया, जिससे कुछ ही मिनटों में उसकी हालत में हल्का सुधार देखने को मिला।
हालांकि, स्थिति अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं थी। ऐसे में पायलट को तुरंत इस मेडिकल इमरजेंसी की जानकारी दी गई। पायलट ने हालात की गंभीरता को देखते हुए नजदीकी एयरपोर्ट पर विमान को उतारने का फैसला लिया। इसके बाद फ्लाइट को वाराणसी के बाबतपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट किया गया।
अपराह्न 1 बजकर 47 मिनट पर विमान सुरक्षित रूप से वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरा। इमरजेंसी लैंडिंग की पहले से सूचना मिलने के कारण एयरपोर्ट प्रशासन और मेडिकल टीम पूरी तरह तैयार थी। विमान के रुकते ही मेडिकल स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा और बीमार यात्री को स्ट्रेचर पर लेकर एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर पहुंचाया गया।
एयरपोर्ट पर तैनात डॉक्टर सुजीत सिंह ने बताया कि यात्री को वास्तव में हार्ट अटैक आया था। समय पर सीपीआर और प्राथमिक उपचार मिलने की वजह से उसकी स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। वाराणसी एयरपोर्ट पर आवश्यक दवाइयां और उपचार दिए जाने के बाद यात्री की हालत स्थिर बताई गई। डॉक्टरों के अनुसार, अगर कुछ देर की भी देरी होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
चिकित्सकीय जांच और सलाह के बाद यात्री ने आगे विमान से यात्रा न करने का फैसला लिया। एयरलाइंस और प्रशासन की ओर से यात्री के परिजनों को भी सूचना दे दी गई। वहीं, बाकी यात्रियों को कुछ समय बाद दिल्ली के लिए आगे की यात्रा की अनुमति दी गई।
इस घटना के दौरान विमान में मौजूद अन्य यात्रियों ने भी क्रू मेंबर्स की तारीफ की। यात्रियों का कहना था कि जिस तरह से केबिन क्रू ने घबराए बिना पूरी स्थिति को संभाला, वह काबिल-ए-तारीफ है। कई यात्रियों ने माना कि ऐसे आपात हालात में क्रू की ट्रेनिंग और तत्परता यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।
उधर, शनिवार को वाराणसी के बाबतपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मौसम की मार भी देखने को मिली। घने कोहरे के कारण पूरे दिन विमान संचालन प्रभावित रहा। जानकारी के मुताबिक, करीब 22 उड़ानें कोहरे की वजह से प्रभावित हुईं। कई उड़ानें तय समय से 2 से 3 घंटे की देरी से पहुंचीं और रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
कोहरे के चलते शनिवार को एयरपोर्ट पर दिन की पहली उड़ान काफी देर से उतरी। इंडिगो एयरलाइंस की हैदराबाद-वाराणसी फ्लाइट सुबह 11:30 बजे एयरपोर्ट पर लैंड कर सकी। इसके अलावा अकासा एयर की बंगलूरू-वाराणसी-बंगलूरू उड़ान अपने निर्धारित समय से 3 घंटे 11 मिनट की देरी से पहुंची।
स्पाइस जेट की दिल्ली-वाराणसी-दिल्ली फ्लाइट 2 घंटे 33 मिनट की देरी से संचालित हुई, जबकि एयर इंडिया की दिल्ली-वाराणसी-दिल्ली उड़ान 51 मिनट लेट रही। इंडिगो की मुंबई-वाराणसी-मुंबई उड़ान 1 घंटे 26 मिनट, कोलकाता-वाराणसी-कोलकाता 30 मिनट और बंगलूरू-वाराणसी-बंगलूरू 1 घंटे 19 मिनट देरी से आई और गई।
इसके अलावा एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-वाराणसी-शारजाह उड़ान 44 मिनट देरी से संचालित हुई। इंडिगो की दिल्ली-वाराणसी-दिल्ली की अलग-अलग उड़ानें 15 से 35 मिनट तक लेट रहीं, जबकि स्पाइस जेट की मुंबई-वाराणसी-मुंबई फ्लाइट 1 घंटे 28 मिनट की देरी से चली।
लंबी देरी के चलते यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने शिकायत की कि वे समय से एयरपोर्ट पहुंच गए थे, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें अनिश्चितता और असुविधा का सामना करना पड़ा।
कुल मिलाकर, शनिवार का दिन वाराणसी एयरपोर्ट के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। एक ओर आसमान में मेडिकल इमरजेंसी ने सबका ध्यान खींचा, तो दूसरी ओर कोहरे ने विमान संचालन को प्रभावित किया। हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन, मेडिकल टीम और एयरलाइंस स्टाफ की तत्परता ने यह साबित कर दिया कि आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी एजेंसियां पूरी तरह सतर्क और सक्षम हैं।
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