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पीएम मोदी ने सराहा युवा की सोच, पर्यावरण पर लिखे निबंध ने दिलाया राष्ट्रीय मंच

हरियाणा के यमुनानगर से एक ऐसा प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जिसने यह साबित कर दिया कि बड़ी पहचान के लिए बड़े संसाधन नहीं, बल्कि बड़ी सोच जरूरी होती है। एक साधारण छात्र की कलम से निकले शब्द सीधे देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचे और पूरे देश ने उसकी सोच को सुना।

बीकॉम अंतिम वर्ष के छात्र प्रथम बराड़ का नाम उस समय सुर्खियों में आ गया, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम Mann Ki Baat में उनके विचारों का जिक्र किया। यह किसी भी युवा के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, और प्रथम के लिए यह पल जीवन का सबसे यादगार बन गया।

दरअसल, प्रथम ने फरवरी महीने में माय भारत पोर्टल पर आयोजित एक ऑनलाइन निबंध प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। विषय था—पर्यावरण संरक्षण। इस विषय पर लिखते हुए उन्होंने एक बेहद प्रभावशाली पंक्ति लिखी—“ग्रीन और क्लीन भारत ही समृद्ध भारत का मार्ग है।” यही पंक्ति प्रधानमंत्री के संबोधन का हिस्सा बनी।

जब प्रधानमंत्री ने इस विचार को देश के सामने रखा, तो यह सिर्फ एक पंक्ति नहीं रही, बल्कि एक युवा की सोच का प्रतिनिधित्व बन गई। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि आज का युवा देश के भविष्य को लेकर कितना सजग और जिम्मेदार है।

प्रथम बराड़ यमुनानगर के प्रताप नगर इलाके के रहने वाले हैं। वे एमएलएन कॉलेज में बीकॉम अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। साधारण परिवार से आने वाले प्रथम ने अपने मेहनत और जुनून के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।

खास बात यह रही कि जिस समय प्रधानमंत्री उनके निबंध की सराहना कर रहे थे, उस वक्त प्रथम खुद ‘मन की बात’ कार्यक्रम नहीं सुन रहे थे। बाद में जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार के सदस्य भी इस उपलब्धि से बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।

प्रथम का जीवन आसान नहीं रहा। बचपन में ही उन्हें एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा था। करीब 10 साल की उम्र में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी। लेकिन इस कठिन दौर के बावजूद उन्होंने अपने हौसले को टूटने नहीं दिया और लगातार आगे बढ़ते रहे।

पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें लेखन का भी खास शौक है। वे अक्सर पर्यावरण, स्वच्छता और सामाजिक विषयों पर कविता और निबंध लिखते रहते हैं। उनका मानना है कि शब्दों के जरिए समाज में बदलाव लाया जा सकता है।

प्रथम को पर्यावरण के प्रति जागरूकता की प्रेरणा स्कूल के दिनों में मिली। 11वीं कक्षा के दौरान उन्होंने एक समर कैंप में भाग लिया था, जहां “एक सोच नई सोच” संस्था के संस्थापक शशी गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण पर कई महत्वपूर्ण बातें साझा की थीं। इन सत्रों ने उनके विचारों को एक नई दिशा दी।

इसके बाद उन्होंने कॉलेज में एनएसएस से जुड़कर पर्यावरण से जुड़े अभियानों में हिस्सा लेना शुरू किया। उन्होंने रैलियों, जागरूकता कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

उनके निबंध में यह भी बताया गया था कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन भी जरूरी है। उन्होंने सौर ऊर्जा, हरित उद्योग, जैविक खेती और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे उपायों को बढ़ावा देने की बात कही।

प्रथम का मानना है कि अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और छोटे-छोटे कदम उठाए, तो देश को स्वच्छ और हरित बनाया जा सकता है। उनका यह भी कहना है कि युवाओं की भागीदारी के बिना सतत विकास का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।

उनकी इस उपलब्धि पर हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने भी गर्व जताया और उनकी सोच की सराहना की।

आज प्रथम बराड़ की यह सफलता सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि अगर सोच सकारात्मक हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो किसी भी मंच तक पहुंचा जा सकता है।

यह कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को सच करना चाहता है। यह दिखाती है कि मेहनत, जुनून और सही दिशा में सोच आपको वहां तक पहुंचा सकती है, जहां से आपकी आवाज पूरे देश तक सुनाई दे।

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