मुजफ्फरनगर जिले के छपार थाना क्षेत्र में रविवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी वसीम उर्फ खटमल घायल हो गया। यह वही आरोपी है जो मेरठ के चर्चित सलमान हत्याकांड में मुख्य आरोपी के रूप में लंबे समय से वांछित चल रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इस मामले में अब सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।

घटना उस समय हुई जब छपार थाना पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। गांव खुड्डा और खोजा नगला के बीच गोपाली मार्ग पर पुलिस ने एक बाइक को रोकने का इशारा किया। बाइक पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर घबरा गए और भागने की कोशिश करने लगे। जब पुलिस ने पीछा किया तो बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
कुछ ही देर में मुठभेड़ तेज हो गई। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश दोनों पैरों में गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा, जबकि उसका साथी मौके से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर दूसरे आरोपी को भी दबोच लिया। घायल बदमाश को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
पुलिस जांच में घायल बदमाश की पहचान वसीम उर्फ खटमल निवासी तारापुरी, थाना लिसाड़ी गेट, मेरठ के रूप में हुई। वह 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी है और मेरठ में हुए सलमान हत्याकांड में मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। उसके साथ पकड़े गए दूसरे आरोपी का नाम इमरान है, जो लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है।
पुलिस ने मौके से एक बाइक, एक तमंचा, जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में इलाके में घूम रहे थे। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इनके संपर्क में और कौन-कौन से अपराधी शामिल थे।
सीओ सदर रविशंकर मिश्रा ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि वसीम उर्फ खटमल पर मेरठ के सलमान हत्याकांड का आरोप है। यह वारदात 4 अप्रैल 2025 को हुई थी। जांच में सामने आया कि वसीम ने अपनी प्रेमिका सुमायला के साथ मिलकर इस हत्याकांड की साजिश रची थी। सुमायला के पति सलमान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और शव को बिजोपुरा के जंगल में फेंक दिया गया था। इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था।
पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच के दौरान धीरे-धीरे सभी कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। पहले खटमल के भांजे साकिब को गिरफ्तार किया गया, जिस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसके बाद उसके मौसेरे भाई साहिल उर्फ अमान, उसकी बहन, बहनोई और मृतक की पत्नी सुमायला को भी गिरफ्तार किया गया। इन सभी से पूछताछ के बाद वसीम उर्फ खटमल की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट हो गई थी, लेकिन वह लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वसीम उर्फ खटमल शातिर किस्म का अपराधी है। वह दिल्ली पुलिस के लिए भी वांछित रहा है। बताया गया कि वह कोरोना काल के दौरान दिल्ली कोर्ट से पैरोल पर बाहर आया था और तभी से फरार चल रहा था। पैरोल खत्म होने के बाद भी वह वापस जेल नहीं लौटा और भूमिगत होकर अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा।
जांच में यह भी सामने आया है कि वसीम अवैध हथियारों की सप्लाई के धंधे में भी शामिल था। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के कई अपराधियों को हथियार उपलब्ध कराता था। इसी वजह से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उसकी लंबे समय से तलाश कर रही थीं।
मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस मुठभेड़ के बाद सलमान हत्याकांड का पूरा नेटवर्क पुलिस के सामने आ चुका है। अब आगे की जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस गिरोह ने पहले और किन-किन घटनाओं को अंजाम दिया है।
फिलहाल घायल आरोपी वसीम उर्फ खटमल का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस उसकी हालत पर नजर बनाए हुए है। वहीं, गिरफ्तार आरोपी इमरान से पूछताछ जारी है, ताकि अपराध से जुड़े और भी अहम सुराग हाथ लग सकें। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और बढ़ा दी गई है। आम लोगों ने भी राहत की सांस ली है और पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !