उत्तर भारत में जारी भीषण शीतलहर और घने कोहरे ने रेल यात्रियों के लिए सफर को किसी परीक्षा से कम नहीं छोड़ा है। दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल पर देर रात का नजारा हालात की गंभीरता को साफ दिखाता है, जहां सैकड़ों यात्री प्लेटफॉर्म पर कंबल और चादरों में लिपटे जमीन पर बैठे या लेटे नजर आए। ठंड से बचने के लिए परिवारों ने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को एक-दूसरे से सटाकर रखा, लेकिन ठिठुरन कम नहीं हुई।

आनंद विहार टर्मिनल राजधानी का एक प्रमुख रेल केंद्र है, जहां हर दिन हजारों यात्री आते-जाते हैं। मौजूदा हालात में यहां यात्रियों को न केवल ट्रेन की देरी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजामों की कमी भी उनकी परेशानी बढ़ा रही है। यात्रियों का कहना है कि लंबे इंतजार के दौरान हीटिंग की व्यवस्था, गर्म पानी, चाय और बैठने के लिए अतिरिक्त स्थान जैसी बुनियादी सुविधाएं न के बराबर हैं।
मजदूरों और छात्रों पर सबसे ज्यादा असर
आनंद विहार टर्मिनल से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है। इनमें बड़ी तादाद दिहाड़ी मजदूरों, छात्रों और छोटे व्यवसाय से जुड़े लोगों की है। कई ट्रेनों के घंटों देरी से चलने और कुछ के रद्द होने के कारण यात्रियों की भीड़ प्लेटफॉर्म पर बढ़ती जा रही है। अनुमान के मुताबिक, 95 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं।
राजधानी, दुरंतो, गरीब रथ, हमसफर और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी कोहरे के कारण घंटों की देरी से पहुंच रही हैं। ऐसे में ठंड में फंसे यात्रियों के लिए इंतजार और भी कठिन हो गया है।
यात्रियों की जुबानी दर्द
बिहार जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे शंकर लाल ने बताया कि वह पूरी रात प्लेटफॉर्म पर बैठे रहे, लेकिन उनकी ट्रेन नहीं आई। ठंड से कांपते हुए उन्होंने कहा कि हाथ-पैर सुन्न हो चुके हैं, लेकिन राहत के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है।
परिवार के साथ सफर कर रहे दिहाड़ी मजदूर अचल का कहना है कि ट्रेन की देरी के कारण वह काम पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “अगर समय पर काम नहीं मिला तो घर का खर्च कैसे चलेगा?” उनके मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर ठंड से बचाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहा।
झारखंड जा रहे शकील ने बताया कि उनके पास जनरल टिकट होने के कारण वेटिंग रूम में प्रवेश नहीं मिला। मजबूरी में उन्हें खुले प्लेटफॉर्म पर ठंड में रात बितानी पड़ी। उन्होंने कहा कि हीटिंग, गर्म पानी और बैठने की जगह की भारी कमी है।
कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 2 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। कई इलाकों में घने कोहरे के कारण दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने ट्रेनों की गति कम कर दी है, जिससे ट्रेनों की लेटलतीफी और बढ़ गई है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही ट्रेनों का परिचालन पटरी पर लाया जाएगा, लेकिन तब तक यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ सकती है।
राहत की मांग
यात्रियों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि ठंड के इस दौर में रेलवे प्लेटफॉर्म पर अस्थायी हीटर, गर्म पेय पदार्थ, अतिरिक्त शेल्टर और सटीक सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराए, ताकि यात्रियों को ठंड और अनिश्चितता से कुछ राहत मिल सके।
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