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आपत्तिजनक और बदमाशी को बढ़ावा देने वाले गानों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, रेनू भाटिया का बड़ा बयान

कैथल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने समाज में तेजी से फैल रहे भड़काऊ और विवादित गानों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे गाने, जिनमें अपराध को महिमामंडित किया जाता है या महिलाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, उन्हें अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के मामले महिला आयोग के संज्ञान में आते हैं, तो तुरंत प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रेनू भाटिया ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कैथल पहुंची थीं। इस कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, उनके अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज की महिला हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और सरकार भी उनके विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया ने उनसे स्थानीय सिंगर संदीप बागड़ी के गाने ‘डीलर में गन कलर’ के बारे में सवाल किया। इस गाने को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसमें बदमाशी और हथियारों की संस्कृति को बढ़ावा दिया गया है, साथ ही महिलाओं की छवि को भी गलत तरीके से पेश किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रेनू भाटिया ने कहा कि इस तरह के गाने समाज के लिए बेहद नुकसानदायक हैं और इन पर रोक लगाना जरूरी है।

उन्होंने कहा, “अगर ऐसा कोई भी मामला महिला आयोग के संज्ञान में आता है, तो हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। हम इस तरह के कल्चर को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे, जो समाज में गलत सोच को बढ़ावा देता है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला आयोग महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

रेनू भाटिया ने इस मुद्दे पर सरकार को एक पत्र लिखने की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला आयोग ने सरकार से मांग की है कि एक विशेष सेंसर बोर्ड का गठन किया जाए, जो ऐसे गानों और डिजिटल कंटेंट की निगरानी कर सके। उनका मानना है कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया और म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से बढ़ रहे कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग गानों और सोशल मीडिया से काफी प्रभावित होता है। ऐसे में अगर उन्हें ऐसे गाने सुनने को मिलते हैं, जिनमें अपराध, हिंसा या महिलाओं के प्रति गलत व्यवहार को बढ़ावा दिया जाता है, तो इसका असर उनके सोचने और व्यवहार करने के तरीके पर पड़ सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि इस तरह के कंटेंट पर समय रहते रोक लगाई जाए।

प्रेस वार्ता के दौरान रेनू भाटिया ने कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को भी अपनी जिम्मेदारी समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लोकप्रियता हासिल करने के लिए समाज के मूल्यों से समझौता करना सही नहीं है। कलाकारों को ऐसा कंटेंट बनाना चाहिए, जो समाज को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करे।

उन्होंने यह भी कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि इस स्वतंत्रता का गलत उपयोग न हो। महिलाओं की गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है और जो भी कंटेंट इसे ठेस पहुंचाता है, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस मुद्दे पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी अपनी राय रखी और महिला आयोग के इस कदम का समर्थन किया। उनका कहना था कि आजकल कई गानों में अश्लीलता और हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रयासों से आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

यह मामला केवल एक गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे मनोरंजन उद्योग के लिए एक संदेश है कि समाज के प्रति उनकी भी जिम्मेदारी है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके दुष्परिणाम लंबे समय तक देखने को मिल सकते हैं।

रेनू भाटिया के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला आयोग अब इस मुद्दे पर गंभीरता से काम करने जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे गानों और कंटेंट पर कड़ी नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल महिलाओं की छवि को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, बल्कि युवाओं को भी सही दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा। अब यह देखना होगा कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस दिशा में कितनी तेजी और प्रभावशीलता के साथ कदम उठाती हैं।

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