पटना (संजय कुमार मुनचुन) : शनिवार को पटना में राजद विधायक दल की बैठक हुई। पार्टी बेरोज़गारी, महँगाई, पलायन, बदहाल शिक्षा-स्वास्थ्य और विधि व्यवस्था, रिश्वतखोरी, सीएए-एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर आंदोलन करेगी।
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सभी विधायक और ज़िला संगठन सरकार की विभाजनकारी नीतियों और विफलताओं को जनता के बीच रख, लोगों को जागरूक कर सभी वर्गों के सहयोग से जनजीवन को प्रभावित करने वाले सतही मुद्दों की पुरज़ोर लड़ाई लड़ेंगे। बूथ स्तर तक मज़बूत टीमें बनाई जाएगी। मेहनती कार्यकर्ताओं और युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

बता दें कि संगठन चुनाव के बाद दो महीने की कड़ी मशक्कत से आखिरकार शुक्रवार को राजद ने पटना छोड़कर अपने सभी जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी। पटना को अभी रिक्त रखा गया है। बिहार में राजद की नई फौज की सूची जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि जिलों में सामाजिक समरसता का पूरा ख्याल रखा गया है।

नई सूची में 13 यादव एवं 12 मुस्लिमों को स्थान दिया गया है। सामाजिक समीकरण का दायरा बढ़ाते हुए दो राजपूत और एक भूमिहार जाति के समर्पित कार्यकर्ता को भी जगह दी गई है। शिवहर और बाढ़ में राजपूत तथा शेखपुरा में भूमिहार को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।

पहली बार राजद के जिला संगठन में यादवों और मुस्लिमों की बहुलता को कम करते हुए अन्य वर्गों को जोडऩे का प्रयास किया गया है। एससी-एसटी वर्ग के आठ लोगों को कमान सौंपी गई है, जबकि अति पिछड़े वर्ग से 14 लोगों को शामिल किया गया है। इस तरह 50 में से कुल 49 जिलों में अध्यक्षों की सूची जारी कर दी गई है।
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