डेस्क : केरल में अपने सूझबूझ के लिए पहचाने जाने वाले जेल डीजीपी और आईपीएस अधिकारी ऋषिराज सिंह ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने अपने एक दोस्त के हवाले से यह दावा किया है. उनके दोस्त डॉ. उमादथन भारत के जानमाने फॉरेंसिक सर्जन थे. उमादथन को क्राइम मामलों और खासतौर पर मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने का उस्ताद माना जाता था. केरल पुलिस जब कई मौकों पर मर्डर मामलों को सुलझाने में थक जाती थी तब उमादथन को बुलाया जाता था. फॉरेंसिक के विद्वान डॉ. उमादथन को मर्डर मिस्ट्री केस सुलझाने की काबिलियत का लोहा केरल सरकार भी मानती है.
अब आईपीएस अधिकारी ने इसी क्राइम केस मास्टर के हवाले श्रीदेवी की मौत पर बड़ा खुलासा किया है. न्यूज एजेंसी यूएनआई की एक खबर के अनुसार ऋषिराज सिंह ने कहा, ‘मैंने जिज्ञासावश अपने दोस्त डॉ. उमादथन से श्रीदेवी की मौत के बारे में पूछा था. लेकिन उनके जवाब ने मुझे झकझोर कर रख दिया. उसने बताया कि वह पूरे मामले को बहुत करीब से देख रहा था. मामले पर रिसर्च के दौरान उसने कई परिस्थितियां ऐसी बन रही थीं जिनसे साफ हो रहा था यह एक एक्सिडेंट से हुई मौत नहीं थी. यहां तक उसके रिसर्च के दौरान कई सबूत उभरे थे, जिनसे श्रीदेवी की मौत के मर्डर होने के पूरी संभावना उभरती है.’

असल में डीजीपी ऋषिराज सिंह ने अपने दोस्त डा. उमादथन की मौत पर एक लेख लिखा है. इसमें उन्होंने अपने दोस्त की अपराध और मर्डर मिस्ट्री को लेकर चौंकाने वाली समझ का उल्लेख किया है. इसी में एक कोने में उन्होंने अपने दोस्त के द्वारा श्रीदेवी की मौत पर दिए गए बयान का उल्लेख किया है. ऋषिराज सिंह लिखते हैं, ‘मेरे दोस्त ने बताया कि कोई भी नशे में धुत इंसान किसी भी परिस्थिति में महज एक फिट गहरे बाथटब में डूब नहीं सकता है.’
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उल्लेखनीय है कि पिछले साल 24 फरवरी को दुबई एक होटल में श्रीदेवी की मौत हो गई थी. तब उनकी मौत का कारण एक दुर्घटना बताया गया था. बताया गया था कि उनकी नशे की हालत में बाथटब में डूबने से मौत हो गई. श्रीदेवी वहां मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने के लिए गई थीं. लेकिन शादी के बाद वह वहां कुछ दिनों के लिए रुक गई थीं. इस दौरान उनके पति भी वहां पहुंचे हुए थे.
जेल डीजीपी ने अपने लेख में अपने क्राइम मामलों के जानकार दोस्त के हवाले से लिखा, ‘यह संभव ही नहीं है कि कोई एक फिट गहरे बाथटब में डूब जाए. दोस्त ने बताया था कि बिना किसी के द्वारा दबाव के किसी शख्स का सिर और पैर एक फिट गहरे बाथटब में नहीं डूबेगा. दोस्त का दावा था कि किसी ने उनका दोनों पैर पकड़ा हुआ था उसके बाद उनके सिर को पानी में डुबाया गया था.’

गौरतलब है कि श्रीदेवी की मौत के बाद दुबई पुलिस ने लंबी पड़ताल की थी. लेकिन सबूतों के अभाव में उनकी मौत का असल कारण नहीं पता चल पाया था. तब उनकी मौत को महज एक्सिडेंट बता दिया गया था. इस बाबत करीब डेढ़ साल बा डीजपी ऋषिराज सिंह ने अपने दोस्त के हवाले से लिखे गए लेख से फिर विवाद बढ़ा है.
हालांकि डीजीपी अपने जिस दोस्त के हवाले से ऐसे दावे कर रहे हैं उनकी बीते बुधवार को 73 साल की उम्र में केरल के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई है. वे केरल सरकार के सबसे भरोसेमंद केस सुलझाने वाले डॉक्टर थे. केरल सरकार ने उनके लिए अलग से मेडिको-लीगल एडवाइजर का पद बनाकर उन्हें सरकार से जोड़ा था. यहां तक की लीबिया की सरकार भी उनसे ऐसे मामलों में सहायता मांगती थी.

डॉ. उमादथन ने थिरुवनंतपुरम, अल्पापुझा, कोट्टयम, त्रिशूर के मेडिकल कॉलेजों में बतौर फॉरेंसिक मेडिसीन प्रोफेसर काम किया था. उन्हें ऐसे मामलों को सुझलाने के लिए लीबियाई सरकार ने अपना मेडिको-लीगल कंस्लटेंट भी चुना था.
उन्हें आपराधिक मामलों के निपटारे में विज्ञान के प्रयोगों के लिए जाना जाता था. उन्हें कई अप्राकृतिक मौतों की पड़ताल के लिए केरल पुलिस ने चुना था. वे फॉरेंसिक मेडिसीन के व्यावहारिक तरीकों से जांच-पड़ताल करते थे. वे फॉरेंसिक मेडिसीन पुलिस के हिस्सा थे. उन्हें पुलिस सर्जन के नाम से बुलाया जाता था. उन्होंने इस विषय पर कई किताबें भी लिखी थीं.
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