उत्तर प्रदेश के Meerut जिले के Modipuram क्षेत्र के Daurala कस्बे में सामने आया शराब कांड अब एक साधारण हादसे से कहीं ज्यादा गंभीर और सनसनीखेज आपराधिक साजिश के रूप में उभर कर सामने आया है। शुरुआत में जिस घटना को जहरीली शराब से हुई मौत माना जा रहा था, वह अब प्रेम प्रसंग, पारिवारिक विरोध और हत्या की सुनियोजित योजना का रूप ले चुकी है। इस मामले में एक बहन पर अपने ही भाई की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है, जबकि इस साजिश में दो निर्दोष लोगों की भी जान चली गई।

पूरे घटनाक्रम ने इलाके में दहशत और हैरानी का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह मामला केवल शराब पीने से हुई मौत का नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का परिणाम है, जिसे बेहद चालाकी से अंजाम देने की कोशिश की गई थी।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में जो सबसे अहम बात सामने आई है, वह है इस पूरे मामले की जड़ में छिपा प्रेम प्रसंग। मृतक अंकित उर्फ दौलत की बहन अलका का संबंध उसी क्षेत्र के रहने वाले पवन उर्फ पोली के साथ था। दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे और अक्सर मिलने-जुलने की कोशिश करते थे। लेकिन इस रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा अलका का भाई अंकित था।
परिवार की इज्जत और सामाजिक मान्यताओं का हवाला देते हुए अंकित लगातार इस रिश्ते का विरोध करता था। वह अपनी बहन को पवन से मिलने से रोकता था और कई बार दोनों को लेकर नाराजगी भी जाहिर कर चुका था। यही विरोध धीरे-धीरे अलका और पवन के लिए असहनीय बन गया।
पुलिस के अनुसार, इसी वजह से दोनों ने मिलकर अंकित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उनका मकसद था कि किसी तरह अंकित की मौत हो जाए और उनका रास्ता साफ हो जाए।
शराब में जहर मिलाने की साजिश
जांच में सामने आया है कि इस योजना को अंजाम देने के लिए बेहद खतरनाक तरीका अपनाया गया। आरोप है कि अलका ने घर में रखी शराब में जहर मिला दिया। उसे यह पूरा भरोसा था कि उसका भाई अंकित शराब पीने का आदी है और वह अकेले ही इस शराब का सेवन करेगा।
योजना यह थी कि अंकित की मौत को सामान्य शराब से हुई मौत मान लिया जाएगा और किसी को इस साजिश पर शक नहीं होगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
साजिश में दो और लोगों की मौत
घटना वाले दिन अंकित शराब की बोतल लेकर घर से बाहर निकला और पास ही स्थित एक स्थान पर पहुंच गया, जहां उसकी मुलाकात बाबूराम प्रजापति और जितेंद्र से हुई। तीनों ने साथ बैठकर शराब पीने का फैसला किया।
किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि शराब में जहर मिला हुआ है। जैसे ही तीनों ने शराब का सेवन किया, थोड़ी ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। जहरीले पदार्थ का असर इतना तेज था कि तीनों की हालत गंभीर हो गई और एक-एक कर उनकी मौत हो गई।
इस तरह, एक व्यक्ति को मारने की साजिश में दो निर्दोष लोग भी अपनी जान गंवा बैठे। यह घटना न सिर्फ एक अपराध है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला भी है।
शुरुआती जांच में हादसा, बाद में खुला राज
घटना के बाद शुरुआती तौर पर इसे जहरीली शराब का मामला माना गया। पुलिस ने भी पहले इसी एंगल से जांच शुरू की थी। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने मृतक अंकित की बहन अलका से पूछताछ की। शुरुआत में उसने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए घटना से अनजान होने का दावा किया। लेकिन उसके बयानों में बार-बार विरोधाभास सामने आने लगे।
बदलते बयानों ने बढ़ाया शक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अलका बार-बार अपने बयान बदलती रही। कभी वह कहती कि उसे कुछ नहीं पता, तो कभी वह घटना को सामान्य बताने की कोशिश करती। उसके हाव-भाव और बातों में असंगति ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। जांच में यह बात सामने आई कि अलका और उसके प्रेमी पवन के बीच गहरे संबंध थे और दोनों मिलकर अंकित को रास्ते से हटाना चाहते थे।
पुलिस हिरासत में आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने तेजी दिखाते हुए दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। शनिवार शाम करीब छह बजे पवन उर्फ पोली को पकड़ा गया, जबकि कुछ ही देर बाद अलका को भी हिरासत में ले लिया गया।
फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश की योजना कब और कैसे बनाई गई, और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
जहर कहां से आया, बड़ा सवाल
इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आखिर जहर कहां से लाया गया। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी ने जहर कैसे हासिल किया और किस माध्यम से उसे शराब में मिलाया गया।
अधिकारियों का मानना है कि इस सवाल का जवाब मिलने से पूरे षड्यंत्र की परतें खुल सकती हैं और मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
स्थानीय लोगों में दहशत
इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक बहन अपने ही भाई के खिलाफ इतनी खौफनाक साजिश रच सकती है। वहीं दो निर्दोष लोगों की मौत ने लोगों को और भी आहत किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंकित शराब पीने का आदी था, जिसका फायदा उठाकर इस साजिश को अंजाम दिया गया। हालांकि, किसी को यह अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर रूप ले लेगा।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसे पूरी संवेदनशीलता के साथ जांचा जा रहा है। शुरुआती जांच में यह साफ हो चुका है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश है।
अधिकारियों ने यह भी कहा है कि जल्द ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
मेरठ का यह शराब कांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि रिश्तों में टूटते विश्वास और स्वार्थ की चरम स्थिति को भी दर्शाता है। प्रेम प्रसंग के चलते एक बहन द्वारा अपने ही भाई को रास्ते से हटाने की साजिश और उसमें दो निर्दोष लोगों की मौत, समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
यह घटना यह भी बताती है कि अपराध चाहे कितनी भी चालाकी से किया जाए, सच्चाई देर-सबेर सामने आ ही जाती है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई पूरी तरह उजागर हो सके।
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