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दिल्ली में स्टिंग ऑपरेशन से खुलासा: ट्रांसजेंडर बनकर अवैध गतिविधियों में शामिल तीन विदेशी महिलाएं गिरफ्तार

राजधानी में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ा खुलासा सामने आया है। उत्तर-पश्चिम जिले की दिल्ली पुलिस ने स्टिंग ऑपरेशन कर तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो ट्रांसजेंडर का रूप धारण कर लोगों से पैसे मांगने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़ी गईं। पुलिस जांच में पता चला कि तीनों महिलाएं पड़ोसी देश बांग्लादेश की नागरिक हैं और अवैध रूप से भारत में रह रही थीं।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तर-पश्चिम जिले की विदेशी सेल द्वारा चलाए जा रहे विशेष निगरानी अभियान का हिस्सा थी। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। निगरानी के दौरान कुछ महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जो आदर्श नगर मेट्रो स्टेशन के आसपास लोगों से पैसे मांगती और उन्हें अनुचित कामों के लिए उकसाती दिखाई दीं।

सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से स्टिंग ऑपरेशन चलाया। निरीक्षक विपिन कुमार के नेतृत्व में टीम ने 25 फरवरी को नकली ग्राहकों के रूप में उनसे संपर्क किया। पुलिस कर्मियों ने बातचीत के दौरान उन्हें अवैध कामों के लिए पैसे का प्रस्ताव दिया। जैसे ही महिलाएं इसके लिए तैयार हुईं, टीम ने उन्हें मौके पर ही हिरासत में ले लिया।

शुरुआती पूछताछ में तीनों ने खुद को भारतीय नागरिक बताया, लेकिन पुलिस को उनके बयान और व्यवहार में कई विरोधाभास नजर आए। इसके बाद उनके दस्तावेजों और मोबाइल फोन की गहन जांच की गई। जांच में पता चला कि वे भारतीय नहीं बल्कि बांग्लादेश की निवासी हैं। तीनों की पहचान रोजिना, लैला खानम और मारूफा खातून के रूप में हुई, जो ढाका की रहने वाली बताई गईं।

पुलिस को उनके पास से तीन मोबाइल फोन मिले, जिनमें कई संदिग्ध ऐप्स इंस्टॉल थे। इनमें एक प्रतिबंधित संचार एप भी पाया गया, जिसके जरिए वे अपने देश में रहने वाले संपर्कों से बातचीत कर रही थीं। फोन में दस बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्रों की डिजिटल प्रतियां भी मिलीं, जिससे उनकी नागरिकता की पुष्टि हुई।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे लगभग छह से सात महीने पहले पश्चिम बंगाल सीमा से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थीं। इसके बाद एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से दिल्ली पहुंचीं और आदर्श नगर इलाके में किराये पर रहने लगीं। यहां उन्होंने ट्रांसजेंडर का भेष धारण कर लोगों से पैसे मांगना शुरू किया और धीरे-धीरे अवैध गतिविधियों में शामिल हो गईं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में कई बार विदेशी नागरिक पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। ट्रांसजेंडर समुदाय का रूप धारण कर लोगों के बीच घुलना-मिलना आसान हो जाता है, जिससे पहचान करना कठिन हो जाता है। यही कारण है कि पुलिस ने हाल के दिनों में सार्वजनिक स्थानों और सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई है।

कार्रवाई के बाद तीनों महिलाओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत विदेशी नागरिकों से संबंधित प्राधिकरण के सामने पेश किया गया। उन्हें विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उनके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी हुए। फिलहाल उन्हें हिरासत केंद्र भेज दिया गया है, जहां से आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा।

इस घटना ने राजधानी में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती राज्यों से अवैध घुसपैठ कर कई लोग बड़े शहरों में आकर छिप जाते हैं और धीरे-धीरे स्थानीय गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। ऐसे मामलों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचनाओं की मदद से इन्हें पकड़ना संभव हो रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ी हैं। सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान लोगों को पैसे देने से पहले सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति किसी प्रकार की गलत धारणा नहीं बनाई जानी चाहिए, क्योंकि यह मामला भेष बदलकर किए जा रहे अवैध कामों से जुड़ा है, न कि किसी समुदाय विशेष से।

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है कि क्या इन महिलाओं को दिल्ली लाने में किसी संगठित गिरोह की भूमिका थी। यदि ऐसा पाया जाता है तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

यह कार्रवाई राजधानी में अवैध प्रवास और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे और ऑपरेशन चलाए जाएंगे ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके और शहर को सुरक्षित बनाया जा सके।

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