देश के अधिकांश हिस्सों में अब गर्मी ने पूरी तरह से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों तक जहां हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने राहत दी थी, वहीं अब मौसम ने करवट बदल ली है और तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। खासकर उत्तर भारत में गर्मी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, साफ आसमान और हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण दिन और रात के तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई ह

राजधानी दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है। अनुमान है कि अगले पांच दिनों में तापमान 42 डिग्री तक जा सकता है। इससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस क्षेत्र में सबसे अधिक रहा।
राजस्थान में तो गर्मी ने पहले ही रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। बाड़मेर, चुरू, कोटा और चित्तौड़गढ़ जैसे शहरों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 और 18 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों, खासकर जोधपुर और बीकानेर डिवीजनों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस दौरान लू चलने की भी पूरी संभावना है।
केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि मध्य, पूर्वी और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में भी गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर रहा है। ओडिशा में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं, जहां टिटलगढ़ में तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले तीन दिनों में यहां तापमान में 2 से 4 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है।
हालांकि देश के सभी हिस्सों में गर्मी ही नहीं है। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में मौसम का मिजाज अलग है। कर्नाटक और केरल में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। इससे वहां के लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर जैसे राज्यों में 15 से 18 अप्रैल के बीच बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इन राज्यों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कई जगहों पर नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।
इस बीच एक और अहम मौसमीय बदलाव की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 15 से 18 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में भी 17 से 19 अप्रैल के बीच छिटपुट बारिश हो सकती है। वहीं पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 और 18 अप्रैल को बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल शुष्क मौसम बना हुआ है और तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, खासकर दोपहर के समय जब सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा तीखी होती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और धूप से बचने के उपाय अपनाएं।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी आंधी और तेज हवाओं का असर देखा गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय मौसम में हो रहे ये बदलाव सामान्य हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण इनकी तीव्रता बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
अंततः कहा जा सकता है कि आने वाले कुछ दिन देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसमीय परिस्थितियां लेकर आएंगे। जहां एक ओर उत्तर भारत में गर्मी और लू लोगों को परेशान करेगी, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाएं राहत देंगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
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