बदायूं। जिले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के एक बेहद शर्मनाक मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। खाना बनाने के बहाने किशोरी को घर बुलाकर पति से दुष्कर्म कराने और घटना का वीडियो बनाने के आरोप में दोषी दंपती को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कक्ष संख्या-दो नीरज कुमार गर्ग की अदालत ने दोनों पर 75-75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाए।

यह मामला फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता की मां ने 12 जुलाई 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 11 जुलाई की शाम करीब सात बजे पड़ोस में रहने वाली सीता देवी उसकी 16 वर्षीय बेटी को हीटर पर रोटी बनाने के बहाने अपने घर ले गई थी।
आरोप है कि वहां महिला के पति अर्जुन ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया, जबकि सीता देवी ने इस अमानवीय कृत्य का मोबाइल से वीडियो बना लिया। बाद में आरोपी महिला ने वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया और घर से फरार हो गई। घटना सामने आते ही गांव और आसपास के इलाके में आक्रोश फैल गया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। विवेचना के दौरान पुलिस ने सभी जरूरी साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट अदालत में दाखिल की। इसके बाद से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र वर्मा ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए। बचाव पक्ष की दलीलें सुनने और पत्रावली में मौजूद सबूतों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अर्जुन पुत्र नौबत सिंह और उसकी पत्नी सीता देवी को दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि नाबालिग के खिलाफ इस तरह का अपराध समाज के लिए बेहद गंभीर संदेश देता है और इसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
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