हरियाणा के रोहतक जिले में नेशनल हाईवे 152-डी पर शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। जयपुर के एक प्रॉपर्टी डीलर की कार का टायर अचानक फटने से वाहन अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर से जा टकराया। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के परखच्चे उड़ गए और चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया।

सुबह का सफर बना आखिरी यात्रा
मृतक की पहचान 46 वर्षीय रामेश्वर प्रसाद मीणा के रूप में हुई है, जो जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह पेशे से फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। शुक्रवार तड़के वह अपने साथी श्याम सुंदर शर्मा के साथ जींद जा रहे थे।
दोनों जयपुर से सुबह करीब चार बजे रवाना हुए थे। उनका उद्देश्य जींद जिले के एक गांव में अपने परिचित सन्नी के निधन पर शोक व्यक्त करना था। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह यात्रा रामेश्वर के जीवन की अंतिम यात्रा साबित होगी।
टायर फटने से हुआ हादसा
सुबह करीब साढ़े छह बजे जब उनकी कार रोहतक जिले के महम क्षेत्र के पास नेशनल हाईवे 152-डी पर पहुंची, तभी अचानक कार का अगला टायर फट गया। तेज रफ्तार में चल रही कार का संतुलन बिगड़ गया और चालक उसे नियंत्रित नहीं कर पाया।
देखते ही देखते कार डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके परखच्चे उड़ गए।
एयरबैग खुलने के बावजूद नहीं बची जान
हादसे के दौरान कार में लगे एयरबैग खुल गए थे, लेकिन इसके बावजूद चालक रामेश्वर प्रसाद मीणा को सिर में गंभीर चोट लग गई। चोट इतनी गहरी थी कि उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई।
दूसरी ओर, उनके साथ बैठे श्याम सुंदर शर्मा को भी चोटें आईं, खासकर उनके हाथ में गंभीर चोट लगी। हालांकि उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
राहगीरों ने की मदद
हादसे के बाद वहां से गुजर रहे ट्रक चालकों और अन्य वाहन चालकों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया। उन्होंने दोनों घायलों को कार से बाहर निकाला और तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी।
घायलों को तुरंत महम के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने रामेश्वर प्रसाद मीणा को मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रामेश्वर प्रसाद मीणा की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। वह चार बच्चों के पिता थे और परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी।
परिजनों के अनुसार, रामेश्वर मूल रूप से जयपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित जस्सी गांव के निवासी थे। पिछले कई वर्षों से वह जगतपुरा में अपने परिवार के साथ रह रहे थे और फाइनेंस व प्रॉपर्टी का काम कर रहे थे।
उनकी असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है और बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही महम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटाए।
थाना प्रभारी रवींद्र के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि हादसा टायर फटने के कारण हुआ। फिलहाल पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईवे पर तेज रफ्तार और वाहन की तकनीकी खामियां अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन के टायरों की नियमित जांच बेहद जरूरी है, खासकर लंबी यात्रा पर निकलने से पहले। टायर की स्थिति खराब होने पर ऐसे हादसे कभी भी हो सकते हैं।
तेज रफ्तार और लापरवाही का खतरा
हालांकि इस मामले में टायर फटना मुख्य कारण बताया जा रहा है, लेकिन हाईवे पर तेज रफ्तार भी हादसे की गंभीरता को बढ़ा देती है। यदि वाहन की गति कम होती, तो शायद नुकसान कम हो सकता था।
इसलिए वाहन चालकों को हमेशा गति सीमा का पालन करना चाहिए और वाहन की स्थिति का ध्यान रखना चाहिए।
हादसे से सीख लेने की जरूरत
यह घटना एक दर्दनाक याद दिलाती है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। वाहन की नियमित सर्विसिंग, टायरों की जांच और सुरक्षित ड्राइविंग बेहद जरूरी है।
इसके अलावा, लंबी यात्रा से पहले वाहन की पूरी तरह जांच कर लेना चाहिए, ताकि ऐसी अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके।
निष्कर्ष
रोहतक के नेशनल हाईवे 152-डी पर हुआ यह हादसा एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बन गया। एक पल में चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और एक हंसता-खेलता परिवार बिखर गया।
यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए, तो कई हादसों को टाला जा सकता है।
रामेश्वर प्रसाद मीणा की असमय मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जीवन कितना अनिश्चित है और हमें हर कदम पर सतर्क रहने की जरूरत है।
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