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यमुनानगर में दर्दनाक सड़क हादसे: ट्रॉली से गिरकर बच्ची की मौत, तेज रफ्तार ट्राले ने महिला को कुचला

हरियाणा के यमुनानगर जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। एक हादसे में सात साल की मासूम बच्ची की जान चली गई, जबकि दूसरे हादसे में एक महिला की मौत हो गई। इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाही से वाहन चलाने की समस्या को उजागर कर दिया है। दोनों हादसे व्यासपुर क्षेत्र में हुए और इनके बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

स्पीड ब्रेकर बना हादसे की वजह

पहला हादसा उस समय हुआ जब एक परिवार ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर मंदिर जा रहा था। जानकारी के अनुसार गांव शेकपुरा निवासी सात वर्षीय मानवी अपने परिवार के साथ पंचमुखी हनुमान मंदिर में माथा टेकने के लिए जा रही थी। परिवार के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर शाम के समय मंदिर की ओर निकल पड़े थे।

शाम करीब छह बजे जब उनका वाहन व्यासपुर क्षेत्र में न्यू हैप्पी स्कूल के सामने पहुंचा, तो सड़क पर बने स्पीड ब्रेकर की वजह से हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि स्पीड ब्रेकर पर सफेद रंग की कोई मार्किंग नहीं थी, जिसके कारण चालक को वह दिखाई नहीं दिया।

अचानक उछला ट्रैक्टर

जब ट्रैक्टर स्पीड ब्रेकर से गुजरा तो वह अचानक उछल गया। इस झटके के कारण ट्रॉली में बैठी मानवी संतुलन खो बैठी और नीचे सड़क पर गिर गई। बच्ची के गिरते ही परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

परिवार के सदस्य तुरंत ट्रैक्टर रोककर नीचे उतरे और घायल बच्ची को उठाया। मानवी गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी और उसके सिर में गहरी चोट लगी थी।

अस्पताल में भी नहीं बच सकी जान

घायल बच्ची को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ स्थित पीजीआई अस्पताल रेफर कर दिया।

परिवार के लोग उम्मीद लगाए हुए थे कि बच्ची को बचाया जा सकेगा, लेकिन इलाज के दौरान मानवी ने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।

मंदिर जाने का सपना रह गया अधूरा

बताया जा रहा है कि मानवी अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी मंदिर जाने के लिए निकली थी। उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी।

परिवार के लोगों का कहना है कि अगर स्पीड ब्रेकर पर सही तरीके से सफेद पट्टियों की मार्किंग होती तो शायद चालक को वह पहले ही दिखाई दे जाता और यह हादसा टल सकता था।

दूसरा हादसा भी बना मौत का कारण

यमुनानगर में दूसरा हादसा भी व्यासपुर क्षेत्र में ही हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्राले ने पैदल जा रही महिला को टक्कर मार दी। इस हादसे में महिला की मौत हो गई।

मृतका की पहचान गांव उत्तमवाला निवासी गुरमीत कौर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने बेटे के साथ सड़क पर पैदल जा रही थी।

अचानक आई तेज रफ्तार गाड़ी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्राला काफी तेज गति से आ रहा था। चालक ने वाहन पर नियंत्रण नहीं रखा और सीधे महिला को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गई।

हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल महिला को उठाकर अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की।

अस्पताल में हुई मौत

गुरमीत कौर को पहले व्यासपुर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। महिला की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे तुरंत जगाधरी के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया।

परिवार के लोग और आसपास के लोग उम्मीद कर रहे थे कि महिला की जान बच जाएगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

गुरमीत कौर दो बच्चों की मां थीं। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिवार के लोगों का कहना है कि गुरमीत कौर अपने बेटे के साथ सामान्य रूप से सड़क पर जा रही थीं, लेकिन तेज रफ्तार ट्राले ने उनकी जिंदगी छीन ली।

लोगों में आक्रोश

दोनों हादसों के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी के कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।

लोगों का यह भी कहना है कि कई जगहों पर स्पीड ब्रेकर तो बना दिए जाते हैं, लेकिन उन पर सही तरीके से मार्किंग नहीं की जाती, जिससे चालक उन्हें समय पर नहीं देख पाते।

प्रशासन से उठी मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर बने स्पीड ब्रेकरों पर साफ-साफ सफेद पट्टियों की मार्किंग की जाए ताकि चालक उन्हें दूर से ही देख सकें।

इसके अलावा लोगों ने तेज रफ्तार वाहनों पर भी सख्ती से नियंत्रण करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे भी इस तरह के हादसे होते रहेंगे।

सड़क सुरक्षा की जरूरत

यमुनानगर में हुई इन दो घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। एक तरफ स्पीड ब्रेकर की सही पहचान न होने के कारण एक मासूम की जान चली गई, तो दूसरी ओर तेज रफ्तार ट्राले ने एक महिला की जिंदगी छीन ली।

इन घटनाओं ने प्रशासन और समाज दोनों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन करना कितना जरूरी है। अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं तो शायद भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सकता है।

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