होली के त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश में इस बार सफर को आसान बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। राज्य परिवहन विभाग ने 28 फरवरी से 9 मार्च तक करीब 500 अतिरिक्त बसें चलाने की योजना बनाई है, ताकि लोगों को अपने शहर और गांव तक पहुंचने में परेशानी न हो।
परिवहन निगम ने प्रमुख बस अड्डों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की है। राजधानी लखनऊ के चारबाग, कैसरबाग, आलमबाग और अवध बस अड्डों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की 24 घंटे शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और बस संचालन पर लगातार नजर रखना है।
सूत्रों के मुताबिक सामान्य दिनों में इन बस अड्डों से लगभग एक हजार बसें प्रतिदिन संचालित होती हैं। त्योहार के दौरान इस संख्या को बढ़ाकर करीब डेढ़ हजार तक ले जाने की तैयारी है। अतिरिक्त बसों में से लगभग 350 बसें नियमित रूप से सड़कों पर चलाई जाएंगी, जबकि करीब 150 बसें रिजर्व में रहेंगी। इन रिजर्व बसों का इस्तेमाल तब किया जाएगा जब किसी मार्ग पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ जाए या कोई बस खराब हो जाए। इससे यात्रियों को लंबे इंतजार से बचाया जा सकेगा।
परिवहन निगम ने बस चालकों और परिचालकों के लिए प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की है, ताकि त्योहार के दौरान सेवा बेहतर तरीके से दी जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से होली के समय होने वाली भीड़भाड़ में काफी राहत मिलेगी और लोगों का सफर सुगम होगा।
उधर रेलवे ने भी त्योहार के मद्देनजर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेल लगभग 50 होली स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है। इन ट्रेनों से लोगों का आवागमन कई प्रमुख शहरों के बीच आसान हो जाएगा।
स्पेशल ट्रेनों के जरिए लखनऊ से मुंबई, हावड़ा, दिल्ली, चंडीगढ़, पटना, देहरादून और जयपुर जैसे शहरों के बीच यात्रा सुविधाजनक होगी। रेलवे विभाग इन ट्रेनों की समय सारिणी तैयार कर रहा है। अब तक 20 स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी किया जा चुका है, जबकि बाकी 30 ट्रेनों की समय सारिणी भी जल्द घोषित होने की संभावना है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि होली के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं, जिससे ट्रेनों में लंबी वेटिंग और भीड़ की समस्या सामने आती है। स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और यात्रा अधिक आरामदायक हो सकेगी।
त्योहारों के मौसम में अतिरिक्त बसों और स्पेशल ट्रेनों का संचालन लोगों को राहत देने के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था को भी बेहतर बनाएगा। राज्य सरकार और रेलवे की इस संयुक्त पहल से उम्मीद है कि इस बार होली पर घर लौटने वालों को सफर में कम परेशानी होगी और वे सुरक्षित व समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
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