सदर बाजार के नजदीक रोशन पुरा इलाके में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में नीचे बैठी दो महिला मजदूर मलबे के नीचे दब गईं, जिनमें से एक महिला सात महीने की गर्भवती बताई जा रही है। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया और दोनों महिलाओं को गंभीर हालत में बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

जानकारी के मुताबिक, रोशन पुरा में करीब 60 साल पुराने मकान को गिराने का काम चल रहा था। मकान काफी जर्जर हो चुका था और मजदूर उसे तोड़ने में लगे हुए थे। घटना के समय एक मजदूर छत के ऊपर काम कर रहा था, जबकि दो महिला मजदूर नीचे बैठकर खाना खा रही थीं। अचानक करीब साढ़े 11 बजे छत का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा और दोनों महिलाएं मलबे में दब गईं।
तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर दौड़े। पास में वाईफाई लगाने का काम कर रहे कुछ युवक भी शोर सुनते ही घटनास्थल पर पहुंच गए और बिना देर किए मलबा हटाने में जुट गए। धीरे-धीरे अन्य लोग भी मदद के लिए आगे आए और सभी ने मिलकर बचाव कार्य शुरू किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबा काफी भारी था और महिलाओं तक पहुंचना आसान नहीं था। इसके बावजूद करीब आधे घंटे की कड़ी मेहनत के बाद दोनों महिलाओं को बाहर निकाल लिया गया। उस समय उनकी हालत बेहद नाजुक थी और वे दर्द से कराह रही थीं। तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। ठेकेदार को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
घायल महिलाओं की पहचान सोनी और सविता के रूप में हुई है। सोनी सात महीने की गर्भवती है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। डॉक्टरों की टीम दोनों पर नजर बनाए हुए है और उन्हें जरूरी इलाज दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान बेहद पुराना था और उसे गिराते समय पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। मजदूरों के लिए न तो कोई सुरक्षा उपकरण थे और न ही आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था। लोगों का आरोप है कि लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है।
रेस्क्यू में शामिल एक युवक ने बताया कि अगर समय रहते लोगों ने मदद नहीं की होती तो जान का बड़ा नुकसान हो सकता था। उन्होंने कहा कि सभी ने मिलकर पूरी कोशिश की, जिससे दोनों महिलाओं को जिंदा बाहर निकाला जा सका।
सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मदन ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या निर्माण कार्य के दौरान नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। घायल महिलाओं के बयान दर्ज करने के लिए टीम को अस्पताल भेजा गया है।
यह हादसा एक बार फिर निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली लापरवाही को उजागर करता है। अक्सर पुराने मकानों को तोड़ते समय सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज किया जाता है, जिससे मजदूरों की जान खतरे में पड़ जाती है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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