राज प्रताप सिंह, लखनऊ ब्यूरो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों का विकास करने को प्रतिबद्ध है। जिसका कोई नहीं उसका शासन होगा। शुक्रवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस भी था। इसका उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बेटियों को बेहतर पालन पोषण के लिए उनके जन्म से लेकर आगे की पढ़ाई तक का बंदोबस्त करने के लिए कन्या सुमंगला योजना शुरू की है।
इससे सभी जरूरतमंद परिवारों की बालिकाओं को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले गरीब परिवारों की बेटियों के सामूहिक विवाह के लिए यह योजना शुरू की गई है।
योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा ऐसी हर बेटी के विवाह पर 51 हजार रुपये खर्च किये जाते हैं। अब तक उनकी सरकार इस योजना के तहत एक लाख बेटियों का विवाह करवा चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनवरी 2018 में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुरुआत करते हुए उनकी सरकार ने प्रदेश के परम्परागत शिल्प को प्रोत्साहन देने के लिए ‘एक जिला एक उत्पाद’ की योजना शुरू की थी जो कि आज देश की सबसे लोकप्रिय योजना बन चुकी है।
इस योजना की सफलता का यह प्रमाण है कि आज उत्तर प्रदेश के इन परंपरागत उत्पादों का निर्यात 28 फीसदी तक बढ़ चुका है जबकि देश के कुल निर्यात में 7 से 8 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है।
उन्होंने परम्परागत शिल्पकारों खासतौर पर कुम्हारों के लिए गठित माटी कला बोर्ड के काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस बोर्ड के जरिये न केवल उ.प्र. को प्लास्टिक से मुक्ति मिली है बल्कि मिट्टी के बर्तनों का चलन बढ़ा है और कुम्हारों को आजीविका कमाने के लिए नए अवसर मिल रहे हैं। उन्हें बिजली और सौर ऊर्जा से चलने वाले चाक दिये जा रहे हैं।
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