Breaking News

हड़कंप :: एक SDO,2 एसपी, 4 डीएसपी, तीन CO समेत 18 अधिकारी निलंबित, अवैध बालू खनन मामले में बिहार सरकार की सबसे बड़ी कार्रवाई

डेस्क : अवैध बालू खनन को लेकर सख्ती दिखा रही सरकार के हाथ अपने कई बडे अधिकारियों की काली कमाई का सबूत लग गया है. आर्थिक अपराध ईकाई यानि ईओयू ने जब इन अधिकारियों की संपत्ति जांची तो उसमें चौकाने वाले तथ्य सामने आये.

Biggest Action of Bihar government

ईओयू की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने दो आईपीएस, 4 डीएसपी, एक एसडीओ समेत 18 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.सरकार के अलग अलग विभागों ने आज निलंबन को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया. सबसे बडी कार्रवाई पुलिस महमके में हुई. सरकार ने आरा के तत्कालीन एसपी राकेश कुमार दूबे औऱ औरंगाबाद के तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार पोरीका को निलंबित कर दिया है.

Sand mining bihar

चार डीएसपी भी निलंबित हुए हैं उनमें पालीगंज के तत्कालीन डीएसपी तनवीर अहमद, आरा के तत्कालीन डीएसपी पंकज कुमार रावत, औरंगाबाद सदर के तत्कालीन एसडीपीओ अनूप कुमार औऱ डिहरी के तत्कालीन एसडीपीओ संजय कुमार शामिल हैं. राज्य सरकार ने इन सभी अधिकारियों को प्राथमिकी जांच में दोषी पाने के बाद इसी महीने 14 जुलाई को पद से हटा दिया था. उन्हें वापस पुलिस मुख्यालय बुला लिया गया था.

Bihar Police Headquarter Patna

ईओयू की प्रारंभिक जांच में इन तमाम अधिकारियों को अवैध बालू खनन का दोषी पाया गया था.सरकार की ओर से आईपीएस औऱ डीएसपी के निलंबन को लेकर जो अधिसूचना निकाली गयी है उसमें कहा गया है कि आर्थिक अपराध ईकाई ईओयू के जांच प्रतिवेदन में ये पाया गया है कि उन्होंने बालू के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन में अपनी ड्यूटी को सही तरीके से नहीं निभाया. ईओयू ने अपनी जांच में पाया कि ये तमाम पदाधिकारी अवैध बाबू खनन में लगे लोगों को मदद पहुंचा रहे थे. उनका आचरण संदिग्ध था औऱ अपने नीचे के अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं था. लिहाजा उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाता है. सस्पेंशन के दौरान उन्हें सिर्फ जीवन यापन भत्ता दिया जायेगा.

Nitish Kumar – Nayak the real hero

सरकार ने इन्हीं आरोपों में एक एसडीओ को भी निलंबित कर दिया है. रोहतास जिले के डिहरी में एसडीओ रहे सुनील कुमार सिंह को सामान्य प्रशासन विभाग ने निलंबित कर दिया है. उनके निलंबन की अधिसूचना में ईओयू की जांच रिपोर्ट का हवाला दिया गया है.सरकार ने 11 और पदाधिकारियों को निलंबित किया है. इनमें 3 सीओ शामिल है. कोईलवर के सीओ रहे अनुज कुमार, पटना पालीगंज के सीओ रहे राकेश कुमार और औऱंगाबाद बारूण के सीओ रहे वसंत राय को सस्पेंड कर दिया गया है. इन तीनों सीओ के खिलाफ आर्थिक अपराध ईकाई यानि ईओयू ने जांच रिपोर्ट दी थी औऱ बालू माफियाओं से उनके सांठगांठ की जानकारी दी थी.सरकार ने भोजपुर के एमवीआई रहे विनोद कुमार को भी निलंबित कर दिया है. उन पर बालू माफियाओं को अवैध बालू के परिवहन में सहयोग करने का आऱोप है. उधर खान एवं भूतत्व विभाग ने 7 खनन पदाधिकारियों को सस्पेंड किया है. सस्पेंड हुए दोनों खनन पदाधिकारियों को 14 जुलाई को पद से हटा कर मुख्यालय बुलाया गया था.

Sand Smuggler

सरकार ने मंगलवार को जिन पदाधिकारियों को सस्पेंड किया है, वे वही हैं जिन्हें 14 जुलाई को अपने पद से हटाकर वापस मुख्यालय बुला लिया गया था. उनके खिलाफ ईओयू की जांच जारी थी. जांच में औऱ तथ्य मिलने के बाद उन्हें सस्पेंड किया गया. सरकार ने इन पदाधिकारियों को पद से हटाने के बाद उनकी संपत्ति की जांच करने को कहा था. आर्थिक अपराध ईकाई को इस काम में लगाया गया था. सूत्र बता रहे हैं कि ईओयू को जांच में इन अधिकारियों की बड़ी काली कमाई का पता चला है. इसकी सूचना सरकार को दे दी गयी है.

Advertisement

अभी और अफसरों पर गिरेगी गाज, होगी प्राथमिकी

बालू के अवैध खेल में अभी और अफसरों पर गाज गिरेगी। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही एक दर्जन से अधिक अफसरों के निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है. ईओयू की रिपोर्ट के आधार पर बालू के अवैध खनन मामले में 41 पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को पद से हटाया गया था. निलंबित किए गए अफसरों पर पहले से ही संपत्ति मामले की जांच भी चल रही है। इसको लेकर उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. जांच की दिशा आगे बढऩे पर प्राथमिकी भी दर्ज करने की तैयारी है.

Advertisement

Check Also

पटना ब्लास्ट :: इंडियन मुजाहिद्दीन के रियाज भटकल समेत 3 आतंकी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

डेस्क : 7 वर्ष पहले साल 2014 में बिहार की राजधानी पटना और बोधगया में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *