उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के छजलैट थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां भीषण ठंड से बचने के लिए घर के कमरे में जलाई गई कोयले की अंगीठी एक परिवार के लिए काल बन गई। अंगीठी से निकले जहरीले धुएं के कारण चार वर्षीय आहिल और तीन वर्षीय आयरा की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिता जावेद, मां शाहिस्ता और छह वर्षीय बेटा शिफान गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, जावेद (35) मुरादाबाद-हरिद्वार रोड पर पेट्रोल पंप के पास चाय की दुकान चलाते हैं। दुकान से कुछ दूरी पर ही उनका घर स्थित है। गुरुवार देर रात कड़ाके की ठंड से बचने के लिए जावेद ने कोयले की अंगीठी जलाकर कमरे में रख ली। उसी कमरे में उनकी पत्नी शाहिस्ता (32) और तीनों बच्चे सो रहे थे।
रात भर अंगीठी से निकलता रहा जहरीला धुआं
बंद कमरे में जल रही अंगीठी से निकलने वाला कार्बन मोनोऑक्साइड धीरे-धीरे पूरे कमरे में भर गया। सभी परिवारजन गहरी नींद में थे, जिससे किसी को खतरे का आभास तक नहीं हुआ। सुबह करीब नौ बजे तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पास के कमरे में सो रहे जावेद के भतीजे आमिर खान और साले सलाउद्दीन को अनहोनी की आशंका हुई।
दरवाजा खुलते ही सामने आया भयावह मंजर
काफी खटखटाने के बाद जावेद ने लड़खड़ाते हुए दरवाजा खोला। वह अर्धचेतन अवस्था में थे। जैसे ही आमिर कमरे में दाखिल हुए, कोयले के धुएं की तीखी गंध से उनका दम घुटने लगा। कमरे के अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े करने वाला था—बेड पर शाहिस्ता और तीनों बच्चे बेसुध पड़े थे।
अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दो मासूमों की मौत
परिजन आनन-फानन में सभी को छजलैट के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने आहिल और आयरा को मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जावेद, शाहिस्ता और शिफान की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
यह घटना ठंड के मौसम में अंगीठी और कोयले के इस्तेमाल से होने वाले खतरों की भयावह याद दिलाती है। प्रशासन और डॉक्टरों ने लोगों से बंद कमरे में अंगीठी न जलाने और पर्याप्त वेंटिलेशन रखने की अपील की है।
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