गुरुग्राम के मानेसर इलाके में एक युवती के साथ हुए सड़क हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 26 वर्षीय रागिनी रौनियार इस समय अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है और वेंटिलेटर पर भर्ती है। युवती के पिता ने इस घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे संदिग्ध बताया है। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है और आशंका जताई है कि यह महज हादसा नहीं बल्कि किसी तरह की साजिश या जानलेवा हमला भी हो सकता है।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खेड़की दौला थाना में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आसपास के सबूतों को जुटाने का प्रयास कर रही है।
जानकारी के अनुसार, रागिनी रौनियार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के दुर्गा वाड़ी, कप्तानगंज क्षेत्र की रहने वाली है। वह गुरुग्राम के मानेसर स्थित एक निजी कंपनी में काम करती है। बताया जा रहा है कि वह रोज की तरह आठ मार्च की सुबह भी अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकली थी।
रागिनी के पिता रामजी रौनियार के मुताबिक, उस दिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनकी बेटी साइकिल से कंपनी जाने के लिए घर से निकली थी। घर से निकलने के लगभग सात मिनट बाद ही उसके साथ हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे गंभीर हालत में सड़क पर घायल देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
घटना के बाद रागिनी को गुरुग्राम के सेक्टर-87 स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसके सिर में गंभीर चोट आई है और उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। फिलहाल उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
डॉक्टरों ने यह भी बताया कि रागिनी के सिर के पिछले हिस्से में गहरी चोट पाई गई है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उसके दिमाग में एयर बबल मौजूद है, जो गंभीर चोट का संकेत है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी उसकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वह बयान दे सके। इसलिए उसे फिलहाल बयान के लिए अनफिट घोषित किया गया है।
इस बीच रागिनी के पिता ने पूरे मामले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस तरह से यह घटना हुई है, उससे यह साधारण सड़क हादसा नहीं लगता। उन्होंने पुलिस को दिए अपने शिकायत पत्र में कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य सवाल उठाए हैं।
रामजी रौनियार ने बताया कि जब उन्हें घटना के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने आसपास के लोगों से बात की, तो उन्हें पता चला कि घटनास्थल के पास एक टेंपो टेढ़े तरीके से खड़ा था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उस टेंपो का इस हादसे से क्या संबंध है, लेकिन इस बात ने उनके संदेह को और बढ़ा दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के बाद रागिनी की साइकिल लगभग सुरक्षित हालत में मिली। साइकिल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि अगर साइकिल को नुकसान नहीं हुआ तो फिर रागिनी के सिर के पिछले हिस्से में इतनी गंभीर चोट कैसे लग गई।
पिता का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति साइकिल से सामान्य गति में गिरता है तो आमतौर पर शरीर के कई हिस्सों में चोट लगती है। लेकिन इस मामले में मुख्य रूप से सिर के पीछे की तरफ गंभीर चोट होना कई सवाल पैदा करता है।
इसी कारण उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर मौजूद टेंपो और आसपास खड़ी कार की फॉरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए।
रामजी रौनियार का कहना है कि यदि किसी वाहन ने उनकी बेटी को टक्कर मारी है तो उसके निशान जरूर मिल सकते हैं। वाहन के पेंट या धातु के निशान साइकिल या कपड़ों पर मिल सकते हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय क्या हुआ था।
इसके अलावा उन्होंने पुलिस से यह भी आग्रह किया है कि हादसे से पहले और बाद के समय में उस रास्ते से गुजरने वाले वाहनों की जानकारी जुटाई जाए। इसके लिए उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग की है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि कम से कम पांच किलोमीटर के दायरे में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय वहां कौन-कौन से वाहन मौजूद थे और क्या किसी वाहन ने रागिनी को टक्कर मारी थी।
पुलिस ने पिता की शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी के अनुसार पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जुटाई जा रही है। यदि किसी वाहन की संलिप्तता सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस इस मामले को सड़क हादसा मानकर जांच कर रही है, लेकिन साथ ही पिता द्वारा जताई गई आशंकाओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही यह तय होगा कि यह घटना वास्तव में हादसा थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
इस बीच रागिनी का परिवार अस्पताल में उसकी हालत को लेकर बेहद चिंतित है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं और लगातार निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।
परिवार को उम्मीद है कि रागिनी जल्द ही स्वस्थ होकर इस घटना के बारे में खुद जानकारी दे सकेगी। वहीं पुलिस भी मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच में जुटी हुई है।
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