कुरुक्षेत्र में एक फैक्ट्री कर्मचारी के साथ हुई ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें उसे बेहतर नौकरी और कार का लालच देकर उसके नाम पर लाखों का लोन ले लिया गया। यह मामला न केवल धोखाधड़ी का है, बल्कि भरोसे के साथ किए गए विश्वासघात की भी कहानी है।

सुनील कुमार, जो एक फैक्ट्री में लंबे समय से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था, अपने मालिक पर पूरा भरोसा करता था। मालिक उसे सैलरी का कुछ हिस्सा देता और बाकी जमा करने का भरोसा देता। इसी भरोसे में वह सालों तक काम करता रहा।
आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर मालिक ने एक योजना बनाई। उसने सुनील को कार दिलाने और बेहतर नौकरी दिलाने का लालच दिया। इसके लिए उससे जरूरी दस्तावेज लिए गए और बैंक में खाता खुलवाया गया।
इसके बाद आरोपी ने उसे विभिन्न बैंकों में ले जाकर कई कागजों पर साइन करवाए। सुनील को यह बताया गया कि यह सब नौकरी और कार से जुड़े प्रोसेस का हिस्सा है, जबकि असल में उसके नाम पर लोन लिया जा रहा था।
कुछ महीनों बाद जब बैंकों से कॉल आने लगे और किस्त भरने की मांग की गई, तब उसे सच्चाई का पता चला। उसने जांच कराई तो सामने आया कि उसके नाम पर तीन कारों के लिए करीब 40 लाख रुपये का लोन लिया गया है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सुनील के पास एक भी कार नहीं है। आरोपी ने कारें अपने इस्तेमाल के लिए लीं और किस्तें भरना बंद कर दिया, जिससे पूरा बोझ सुनील पर आ गया।
जब उसने विरोध किया, तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। अब वह न केवल बेरोजगार है, बल्कि भारी कर्ज के बोझ तले भी दब गया है। पुलिस ने उसकी शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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