हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार शाम एक गंभीर हादसा सामने आया, जब एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16 में एक जूता बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर में फैल गई। इस घटना के कारण वहां काम कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, हालांकि सभी ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना प्लॉट नंबर-168 में चल रही “सुपर किक्स” नामक फैक्ट्री में हुई, जो दिल्ली निवासी विभोर की बताई जा रही है। यहां जूते और चप्पलों का बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाता है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के पीछे स्थित एक वेल्डिंग यूनिट में काम के दौरान निकली चिंगारी से आग की शुरुआत हुई। पहले आग शेड में लगी, लेकिन कुछ ही समय में यह तेजी से फैलते हुए मुख्य फैक्ट्री तक पहुंच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। फैक्ट्री के अंदर मौजूद ज्वलनशील पदार्थ जैसे रबर, प्लास्टिक और केमिकल्स ने आग को और भड़का दिया। देखते ही देखते आग की लपटें फैक्ट्री के पहले फ्लोर तक पहुंच गईं और वहां रखी मशीनों, कच्चे माल और तैयार उत्पाद को अपनी चपेट में ले लिया। पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया, जिससे आसपास के लोग भी दहशत में आ गए।
आग लगते ही फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों ने तुरंत बाहर की ओर भागकर खुद को सुरक्षित किया। घटना की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। आग की भयावहता को देखते हुए कुल पांच दमकल वाहनों को लगाया गया।
दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। कई घंटों तक लगातार पानी की बौछारें कर आग को बुझाने का प्रयास किया गया। आखिरकार देर शाम तक आग पर नियंत्रण पा लिया गया। हालांकि तब तक फैक्ट्री में रखा अधिकांश कच्चा और तैयार माल जलकर राख हो चुका था। इसके अलावा उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली कई महंगी मशीनें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। किसी भी अनहोनी को टालने के लिए आसपास के इलाके को खाली कराया गया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। पुलिस और दमकल विभाग ने मिलकर पूरे क्षेत्र में हालात को नियंत्रित किया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी को माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि असली कारण की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। इसके साथ ही फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा उपायों की भी जांच की जा रही है कि क्या सभी जरूरी मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
इस हादसे में फैक्ट्री मालिक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। अनुमान है कि लाखों रुपये का कच्चा और तैयार माल जल गया है, जबकि मशीनों का नुकसान अलग से है। हालांकि नुकसान का सटीक आकलन अभी किया जा रहा है।
यह घटना औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी सिस्टम का होना, नियमित निरीक्षण और कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग देना बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने उद्योग संचालकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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