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दोस्ती का अंत खौफनाक वारदात में, शराब के नशे में की हत्या; आरोपी को उम्रकैद

ग्वाल पहाड़ी इलाके में वर्ष 2020 में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज की अदालत ने सौरभ नामक युवक को अपने ही दोस्त की हत्या के अपराध में उम्रकैद (कठोर कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे नशे की हालत में एक मामूली विवाद जानलेवा बन सकता है।

Hand about to bang gavel on sounding block in the court room

यह घटना 24 जून 2020 की है, जब देशभर में कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन लागू था। इसी दौरान ग्वाल पहाड़ी चौकी पुलिस को सूचना मिली कि इलाके में एक युवक का शव संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटनास्थल को सील कर दिया गया और फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, ताकि साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा सके।

जांच के दौरान मृतक की पहचान देशराज (35) के रूप में हुई, जो दिल्ली के फतेहपुर बेरी क्षेत्र के गांव मांडी खाजू का निवासी था। मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि देशराज को उसका परिचित सौरभ अपने साथ शराब पीने के लिए लेकर गया था।

मृतक के भाई ने पुलिस को जानकारी दी कि उसने खुद देशराज और सौरभ को ग्वाल पहाड़ी के एक कच्चे रास्ते पर बैठकर शराब पीते हुए देखा था। उस समय दोनों सामान्य रूप से बातचीत कर रहे थे। लेकिन जब देशराज देर रात तक घर नहीं लौटा, तो परिवार को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू की गई।

तलाश के दौरान जब परिजन ग्वाल पहाड़ी पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। देशराज खून से लथपथ जमीन पर पड़ा हुआ था। उसके शरीर पर चाकू के कई गहरे घाव थे, जिससे साफ था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई है। यह दृश्य परिवार के लिए बेहद दर्दनाक था।

पुलिस ने इस मामले में तुरंत हत्या का केस दर्ज किया और जांच को आगे बढ़ाया। शुरुआती जांच में ही सौरभ पर संदेह गहराने लगा, क्योंकि वही आखिरी व्यक्ति था जो मृतक के साथ देखा गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गुड़गांव से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में सौरभ ने बताया कि वह और देशराज लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। घटना वाले दिन भी दोनों ने साथ में शराब पी थी।

आरोपी के अनुसार, शराब के नशे में दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। पहले कहासुनी हुई, फिर गाली-गलौज और अंत में हाथापाई हो गई। इसी दौरान देशराज ने सौरभ पर हाथ उठा दिया, जिससे वह गुस्से में आ गया। गुस्से में उसने अपने पास रखे चाकू से देशराज पर कई वार कर दिए।

हमले के बाद देशराज गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा और कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने उसे ज्यादा समय तक फरार नहीं रहने दिया और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन रहा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए। इनमें घटनास्थल से जुटाए गए सबूत, फोरेंसिक रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल थे, जिन्होंने आरोपी के खिलाफ केस को मजबूत बनाया।

अदालत ने सभी तथ्यों और सबूतों का गहन अध्ययन करने के बाद पाया कि आरोपी सौरभ ही इस हत्या का दोषी है। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

इसके अलावा, आरोपी को शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत भी दोषी ठहराया गया। इस अपराध के लिए उसे 3 वर्ष की सजा और 10 हजार रुपए का अतिरिक्त जुर्माना दिया गया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में सख्त सजा देना जरूरी है, ताकि अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।

यह मामला इस बात की स्पष्ट मिसाल है कि नशा और गुस्सा इंसान को किस हद तक ले जा सकता है। एक छोटी-सी बहस ने एक व्यक्ति की जान ले ली और दूसरे को जिंदगीभर के लिए जेल पहुंचा दिया।

मृतक के परिवार के लिए यह फैसला न्याय की एक किरण जरूर लेकर आया है, लेकिन उनका दुख कम नहीं हो सकता। वहीं, समाज के लिए यह घटना एक सबक है कि नशे से दूर रहना और अपने गुस्से पर काबू रखना कितना जरूरी है।

अंततः, यह घटना यह भी दर्शाती है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराध करने वाला चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, उसे एक दिन अपने कर्मों की सजा जरूर मिलती है।

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