कुरुक्षेत्र जिले के हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को गहरे दुख में बदल दिया। लोटनी गांव के पास एक कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार ट्रक के नीचे जा घुसी। इस हादसे में 68 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि यह परिवार राजस्थान स्थित खाटू श्याम मंदिर से दर्शन कर अपने घर हिमाचल प्रदेश लौट रहा था। यात्रा पूरी करने के बाद परिवार घर पहुंचने की खुशी में था, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया और सब कुछ बदल गया।
हादसा सुबह करीब 6:30 बजे का बताया जा रहा है। उस समय हल्की धुंध और कम रोशनी के कारण सड़क पर दृश्यता पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। इसी बीच कार में सवार लोग अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। जैसे ही वे लोटनी गांव के पास पहुंचे, सड़क पर खड़े एक ट्रक से उनकी कार जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक बिना किसी चेतावनी संकेत या इंडिकेटर के खड़ा था, जिससे कार चालक को उसे समय रहते देख पाना मुश्किल हो गया।
कार की रफ्तार तेज थी और सामने अचानक आए इस अवरोध के कारण चालक नियंत्रण नहीं रख सका। परिणामस्वरूप कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी और उसका अगला भाग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार ट्रक के नीचे फंस गई और उसमें बैठे लोग अंदर ही फंस गए।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई। स्थानीय निवासियों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। कुछ ही देर में पुलिस और आपातकालीन सेवाएं भी मौके पर पहुंच गईं। क्रेन की मदद से कार को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल भेजा गया।
इस हादसे में बृजमोहन (68), निवासी संतोषगढ़, जिला ऊना (हिमाचल प्रदेश), को गंभीर चोटें आईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
घायल साहिल सच्चर (34) ने बताया कि वे 11 अप्रैल को अपने पिता, दो बहनों और जीजा के साथ खाटू श्याम मंदिर दर्शन के लिए निकले थे। दर्शन के बाद वे रात में ही वापस घर के लिए रवाना हो गए थे। कार उनके जीजा सौरव सोनी चला रहे थे। आगे की सीट पर उनकी बहन नीतू बैठी थीं, जबकि पीछे की सीट पर साहिल, उनके पिता और दूसरी बहन चांदनी बैठे थे।
साहिल ने बताया कि हादसे के समय सभी लोग नींद और थकान में थे, लेकिन चालक पूरी तरह सतर्क था। अचानक सामने खड़े ट्रक के कारण उन्हें प्रतिक्रिया देने का मौका नहीं मिला और हादसा हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ट्रक पर कोई चेतावनी संकेत होता, तो शायद यह दुर्घटना टल सकती थी।
हादसे में नीतू और चांदनी को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मोहड़ी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। वहीं, सौरव सोनी और साहिल को भी चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक के नंबर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक सड़क किनारे असुरक्षित तरीके से खड़ा था। न तो उसके पीछे कोई रिफ्लेक्टर लगा था और न ही कोई चेतावनी लाइट जल रही थी। इस तरह की लापरवाही ने इस दर्दनाक हादसे को जन्म दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हाईवे पर इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर खड़े वाहनों के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और उनका पालन सुनिश्चित किया जाए।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। खासकर हाईवे पर वाहन खड़ा करते समय सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।
मृतक के परिवार में इस घटना के बाद गहरा शोक है। जो यात्रा श्रद्धा और विश्वास के साथ शुरू हुई थी, वह एक त्रासदी में बदल गई। परिवार के सदस्य अभी भी इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। साथ ही, फरार ट्रक चालक की तलाश तेज कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा सभी वाहन चालकों और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। अगर समय रहते सावधानी बरती जाए, तो इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !