दो भाइयों की निर्मम हत्या से दहले पोलंगी गांव के चर्चित डबल मर्डर केस में पुलिस को अहम सफलता मिली है। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई तलवार बरामद कर ली है। तीन दिन के रिमांड के बाद आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में कर्मबीर उर्फ बुल्ला और उसके भाई कुलदीप की बेहद बेरहमी से हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम और प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। बाद में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि हत्या तलवार से की गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने तलवार बरामद कर ली, जिसे अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 13 फरवरी को गांव निवासी जगमेंद्र सिंह ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे छह भाई थे, जिनमें से तीन की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। बाकी तीन अविवाहित भाई एक साथ रहते थे और खेती-बाड़ी व घरेलू कामकाज संभालते थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2024 में गांव के ही एक युवक सन्नी ने ट्रैक्टर से टक्कर मार दी थी, जिसमें उनके भाई कर्मबीर और वे स्वयं घायल हो गए थे। इस घटना को लेकर अदालत में मुकदमा चल रहा है। शिकायत में कहा गया कि आरोपी पक्ष लगातार समझौते के लिए दबाव बना रहा था, लेकिन जब उन्होंने केस वापस लेने से इंकार किया, तो रंजिश बढ़ती चली गई।
परिजनों का आरोप है कि इसी दुश्मनी के चलते योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया। घटना वाले दिन आरोपियों ने दोनों भाइयों को निशाना बनाकर उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बन गया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में मुख्य आरोपी पूर्व सरपंच रणधीर और उसके बेटे अमित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के लिए दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जिसके दौरान हथियार बरामद करने सहित कई अहम जानकारियां सामने आईं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ में घटना से जुड़ी कई बातें स्वीकार की हैं और अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं।
हालांकि इस केस में अभी आठ अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की विशेष टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है और संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह मामला केवल व्यक्तिगत रंजिश तक सीमित नहीं हो सकता। जांच टीम इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई पुरानी जमीन या सामाजिक विवाद भी कारण था। पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयान के आधार पर केस को मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
परिवार के सदस्यों ने प्रशासन से आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि दो बेटों की हत्या ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है और गांव में भी भय का वातावरण बन गया है। ग्रामीणों ने भी सुरक्षा बढ़ाने और फरार आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर फिर से रिमांड मांगा जा सकता है, ताकि फरार आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सके।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह हिंसक रूप ले सकते हैं। पुलिस का मानना है कि समय रहते विवाद सुलझाए जाएं तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और ग्रामीणों से भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है
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