उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। जहां बीते कुछ दिनों से तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब अचानक मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण शनिवार से मौसम पूरी तरह बदल सकता है। तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के साथ कई जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

शुक्रवार को ही इस बदलाव की झलक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिली। नोएडा, गाजियाबाद और सहारनपुर में अचानक तेज हवाएं चलीं, बादल छाए और हल्की बारिश दर्ज की गई। इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा और अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन मौसम की अनिश्चितता बढ़ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है, जो दक्षिणी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास बना हुआ है। इसका असर धीरे-धीरे उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर पड़ रहा है और अब यह उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। शनिवार तक इसका प्रभाव पश्चिमी यूपी से आगे बढ़ते हुए मध्यांचल और पूर्वांचल तक पहुंचने की संभावना है।
प्रदेश के करीब 35 जिलों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
ओलावृष्टि को लेकर जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, उनमें अमेठी, औरैया, अयोध्या, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, चित्रकूट, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, जालौन, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, मैनपुरी, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर और उन्नाव शामिल हैं। इन जिलों में किसानों और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजधानी लखनऊ में भी मौसम के बदलने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। यहां शनिवार को तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है और कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका बनी हुई है।
शुक्रवार को राजधानी का मौसम भी कुछ इसी तरह बदला-बदला नजर आया। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। हालांकि दोपहर में कुछ समय के लिए धूप निकली, जिससे उमस और गर्माहट महसूस हुई। अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 35.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री बढ़कर 23.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी गर्मी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वाराणसी और सुल्तानपुर में शुक्रवार को तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा बलिया में 38.5 डिग्री और बांदा में 38.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इससे साफ है कि मौसम का बदलाव धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में असर दिखा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बदलाव मार्च और अप्रैल के महीनों में आम होते हैं, जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाते हैं। हालांकि इस बार इनका प्रभाव कुछ अधिक व्यापक और तीव्र नजर आ रहा है। तेज हवाएं, अचानक बारिश और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
इस बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। इस समय कई फसलें कटाई के लिए तैयार हैं या खेतों में खड़ी हैं। ऐसे में तेज हवाएं और ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
उत्तर प्रदेश के अलावा पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को कई इलाकों में बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई। रोहतांग दर्रा, भरमौर, लाहौल और मनाली की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ। कुछ क्षेत्रों में सात सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है।
राजधानी शिमला समेत हमीरपुर और कांगड़ा में हल्की बारिश हुई। वहीं चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है और 9 अप्रैल तक मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई गई है।
खराब मौसम का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब हो गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कुछ पहाड़ी मार्ग भी बंद हो गए हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि नई चुनौतियां भी लेकर आ सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सतर्क रहें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
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