फरीदाबाद के सेक्टर-48 में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक खाली पड़े प्लॉट में रखे पेंट और केमिकल के ड्रमों में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और आसमान में काले धुएं का घना गुबार छा गया। घटना के समय प्लॉट के पास कई वाहन खड़े थे, जिनमें से तीन गाड़ियां आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता से एक कार को बड़ी क्षति से बचा लिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्लॉट में लंबे समय से कबाड़ और खाली ड्रम पड़े हुए थे। शनिवार दोपहर अचानक वहां से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते लपटें ऊंची उठने लगीं और आसपास खड़ी गाड़ियों तक पहुंच गईं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में काले धुएं की परत छा गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव की कोशिश शुरू कर दी। एक कार आग की जद में आने ही वाली थी, जिसे लोगों ने शीशा तोड़कर किसी तरह वहां से हटाया और बड़ा नुकसान होने से बचा लिया। हालांकि पास खड़ी तीन गाड़ियों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उनमें काफी नुकसान हुआ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह प्लॉट काफी समय से खाली पड़ा था और इसमें ज्वलनशील केमिकल ड्रम खुले में रखे थे। प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि किसी बच्चे ने कबाड़ में आग लगा दी हो, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि आग लगने की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
घटना के दौरान लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इस बीच आग लगातार फैलती रही। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर पानी और रेत डालकर आग को नियंत्रित करने की कोशिश की। बाद में दमकल कर्मियों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया।
आग लगने की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। धुएं का गुबार और आग की लपटें देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। पुलिस को भीड़ हटाने और यातायात सामान्य कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इस घटना ने लोगों को हाल ही में मुजेसर इलाके में हुए दर्दनाक हादसे की याद दिला दी। वहां भी केमिकल ड्रमों में आग लगने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें एक पुलिसकर्मी और दो दमकल कर्मियों समेत कुल छह लोगों की जान चली गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे खतरनाक कबाड़ को समय रहते नहीं हटाया गया तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
इलाके के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि खाली प्लॉटों में पड़े ज्वलनशील पदार्थों की तुरंत जांच कर उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जाए। उनका कहना है कि रिहायशी इलाकों के पास इस तरह का कबाड़ खुले में पड़ा रहना लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है।
फिलहाल राहत की बात यह है कि इस आगजनी में किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर अब इलाके के लोगों की नजरें टिकी हुई हैं, जो चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
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