हरियाणा सरकार ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। राज्य में नया कानून लागू होने के बाद अब ऐसे एजेंटों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि विदेश में रोजगार दिलाने का झूठा दावा करने वालों को सख्त सजा दी जाएगी।

पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा में विदेश भेजने के नाम पर कई बड़े घोटाले सामने आए थे। एजेंट युवाओं को विदेश में नौकरी, वर्क परमिट और अच्छी सैलरी का सपना दिखाकर लाखों रुपये वसूल लेते थे। बाद में कई युवाओं को फर्जी दस्तावेज थमा दिए जाते थे या अवैध तरीके से विदेश भेजने की कोशिश की जाती थी।
इन घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने नया संशोधित कानून लागू किया है। इसके तहत अब ट्रैवल एजेंटों की भूमिका केवल यात्रा सेवाओं तक सीमित रहेगी। वे टिकट बुकिंग, होटल और टूर पैकेज जैसे काम कर सकेंगे, लेकिन विदेश में नौकरी दिलाने का दावा नहीं कर पाएंगे।
अगर कोई एजेंट विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करता है या नकली दस्तावेज तैयार करता है तो उसे सात से दस साल तक जेल हो सकती है। इसके अलावा भारी जुर्माना भी देना होगा। मानव तस्करी जैसे मामलों में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिना रजिस्ट्रेशन ट्रैवल एजेंट का काम करने वालों को भी सजा दी जाएगी। सरकार ने ऐसे मामलों में दो से सात साल तक की कैद का प्रावधान रखा है। साथ ही दोषियों की संपत्ति जब्त कर पीड़ितों को राहत दी जाएगी।
इस कानून की एक बड़ी खासियत लोकपाल व्यवस्था है। अब ठगी का शिकार लोग सीधे लोकपाल के पास शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इससे लोगों को थानों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर लोकपाल मामले को पुलिस को सौंपेगा।
सरकार का मानना है कि इससे विदेश भेजने के नाम पर होने वाली ठगी में कमी आएगी। खासकर ग्रामीण इलाकों के युवाओं को राहत मिलेगी, जो विदेश जाकर नौकरी करने का सपना देखते हैं।
केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय ने पहले राज्य के पुराने कानून पर सवाल उठाए थे। मंत्रालय का कहना था कि विदेश रोजगार और उत्प्रवास से जुड़े मामले पहले से केंद्र सरकार के कानून के अधीन आते हैं। इसलिए अब नए संशोधन में यह साफ कर दिया गया है कि केंद्र का कानून सर्वोपरि रहेगा।
सरकार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी एजेंट के झांसे में आने से पहले उसकी वैधता की जांच करना जरूरी है। साथ ही लोगों को केवल पंजीकृत एजेंटों से ही संपर्क करने की सलाह दी गई है।
नया कानून लागू होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि विदेश में नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी और मानव तस्करी जैसे अपराधों पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।
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