रूस-यूक्रेन युद्ध की विभीषिका एक बार फिर भारतीय परिवारों तक पहुंच गई है। सोनीपत जिले के गांव कुराड़ के युवक अंकित की मौत ने न केवल उसके परिवार को बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। अंकित पढ़ाई के लिए रूस गया था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उसे जबरन सेना में शामिल कर युद्ध में भेज दिया गया।

अंकित ने बड़े सपनों के साथ मार्च 2025 में रूस का रुख किया था। उसने रूसी भाषा सीखने के लिए मोटी रकम खर्च की थी। वह चाहता था कि पढ़ाई पूरी कर वह अपने परिवार की जिंदगी बेहतर बना सके। लेकिन यह सपना अधूरा रह गया।
परिजनों का आरोप है कि रूस में उसे जबरन सेना में भर्ती किया गया। उसे डराया-धमकाया गया और पैसे का लालच भी दिया गया। अंततः उसे युद्ध के मैदान में उतार दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
अंकित की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, हर कोई स्तब्ध रह गया। जब उसका शव गांव लाया गया, तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। परिवार के लोग बेसुध हो गए और गांव के लोग भी खुद को आंसू बहाने से रोक नहीं पाए।

अंकित अपने दिव्यांग पिता का इकलौता सहारा था। उसकी जिम्मेदारियों में परिवार का पालन-पोषण शामिल था। उसकी मौत ने परिवार को पूरी तरह से असहाय बना दिया है।
परिजन अब सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए। साथ ही रूस में मौजूद भारतीय युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि विदेशों में पढ़ाई के लिए जाने वाले युवाओं की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !