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जीविका दीदियों के हाथों में डिजिटल सशक्तिकरण की नई ताकत, दीदी अधिकार केंद्र से जुड़ी सीएससी सेवाएँ

महिला सशक्तिकरण की ओर एक और कदम, दीदी अधिकार केंद्र में शुरू हुई कॉमन सर्विस सेंटर सेवा

दरभंगा में दीदी अधिकार केंद्र का विस्तार, पहली बार शुरू हुई सीएससी डिजिटल सेवा

 

दरभंगा, बिहार। ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड स्थित दीदी अधिकार केंद्र में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) सेवा का शुभारंभ किया गया। यह पहल न केवल जीविका दीदियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण समुदाय को भी विभिन्न सरकारी एवं ऑनलाइन सेवाओं तक सहज और त्वरित पहुँच उपलब्ध कराएगी।

 

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) डॉ. ऋचा गार्गी, प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीगाछी श्री दुनिया लाल यादव, सामाजिक विकास प्रबंधक श्री नरेश कुमार तथा प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) श्री दीपक कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ, जीविकाकर्मी, कैडर एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों में विशेष उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

 

महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण का केंद्र है दीदी अधिकार केंद्र

 

गौरतलब है कि दरभंगा जिले के सात प्रखंडों में दीदी अधिकार केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जीविका द्वारा स्थापित इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराना तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जोड़ना है।

 

दीदी अधिकार केंद्र महिलाओं के लिए एक भरोसेमंद मंच के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहाँ वे अपनी समस्याओं को साझा कर सकती हैं और उनके समाधान के लिए आवश्यक सहयोग प्राप्त कर सकती हैं। प्रशिक्षित डीएके (DAK) कोऑर्डिनेटर एवं सक्षमा दीदी के नेतृत्व में संचालित ये केंद्र महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक उन्नति, लैंगिक समानता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

 

इसके अतिरिक्त, ये केंद्र महिलाओं को घरेलू हिंसा, सामाजिक भेदभाव, कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और आपातकालीन सहायता सेवाओं के संबंध में जानकारी एवं मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं। यही कारण है कि दीदी अधिकार केंद्र ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं।

 

सीएससी सेवा से ग्रामीणों को मिलेगी डिजिटल सुविधाओं की आसान पहुँच

 

दीदी अधिकार केंद्र में कॉमन सर्विस सेंटर सेवा की शुरुआत होने के बाद अब स्थानीय ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी एवं डिजिटल सेवाएँ अपने गाँव के समीप ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे उन्हें छोटी-छोटी ऑनलाइन सेवाओं के लिए शहरों अथवा दूरस्थ बाजारों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

 

सीएससी के माध्यम से आधार कार्ड से संबंधित सेवाएँ, पैन कार्ड आवेदन, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं आवासीय प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन, बिजली बिल भुगतान, बैंकिंग सुविधाएँ, बीमा सेवाएँ, पेंशन योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाएँ तथा अन्य अनेक डिजिटल सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएँगी।

 

इस पहल से ग्रामीण नागरिकों का समय और धन दोनों की बचत होगी। साथ ही डिजिटल सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन को नई गति मिलेगी। विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को इसका व्यापक लाभ प्राप्त होगा।

 

डिजिटल युग में महिलाओं की आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक की जानकारी और उसका प्रभावी उपयोग महिलाओं की आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन रहा है।

 

उन्होंने कहा, “सशक्त महिला, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। आज के डिजिटल युग में तकनीक की जानकारी एवं उसका प्रभावी उपयोग महिलाओं की आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन रहा है। दीदी अधिकार केंद्र में सीएससी सेवाओं के जुड़ने से जीविका दीदियाँ स्वयं डिजिटल रूप से सशक्त होंगी तथा अपने समुदाय तक भी डिजिटल सेवाओं की सहज पहुँच सुनिश्चित करेंगी।”

 

डॉ. गार्गी ने कहा कि यह पहल केवल सेवाएँ उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ना और उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाना भी है। इससे वे अपने परिवार और समुदाय के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।

 

अंतिम व्यक्ति तक डिजिटल सेवाएँ पहुँचाने की सराहनीय पहल

 

प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीगाछी श्री दुनिया लाल यादव ने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दीदी अधिकार केंद्र में सीएससी की शुरुआत ग्रामीण विकास और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

 

उन्होंने कहा, “दीदी अधिकार केंद्र में सीएससी की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आम लोगों को सरकारी एवं अन्य ऑनलाइन सेवाएँ अपने गाँव के निकट ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे समय एवं धन दोनों की बचत होगी।”

 

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देगी तथा लोगों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

 

जिले का पहला दीदी अधिकार केंद्र बना डिजिटल सेवा केंद्र

 

सामाजिक विकास प्रबंधक श्री नरेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि दरभंगा जिले में यह पहला दीदी अधिकार केंद्र है, जहाँ कॉमन सर्विस सेंटर सेवा की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रयोग की सफलता के बाद जिले के अन्य प्रखंडों में संचालित दीदी अधिकार केंद्रों में भी सीएससी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा, “यह पहल ग्रामीण समुदाय को उनके घर के समीप डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। भविष्य में अन्य प्रखंडों के दीदी अधिकार केंद्रों को भी सीएससी से जोड़ा जाएगा, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को इसका लाभ मिल सके।”

 

उन्होंने बताया कि जीविका का उद्देश्य महिलाओं को केवल लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाना है। इसी सोच के तहत महिलाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने और उन्हें सेवा प्रदाता के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

जीविका दीदियों ने किया पहल का स्वागत

 

कार्यक्रम में उपस्थित जीविका दीदियों ने इस नई सुविधा का स्वागत करते हुए कहा कि अब ग्रामीण समुदाय को आवश्यक ऑनलाइन सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गाँव के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही अधिकांश डिजिटल सुविधाएँ उपलब्ध हो जाएँगी, जिससे उन्हें काफी सुविधा मिलेगी।

 

दीदियों ने कहा कि इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे डिजिटल तकनीक का उपयोग कर स्वयं तथा अपने समुदाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में यह केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल परिवर्तन का एक मजबूत माध्यम बनेगा।

 

ग्रामीण विकास और डिजिटल इंडिया अभियान को मिलेगा बल

 

दीदी अधिकार केंद्र में सीएससी सेवा की शुरुआत केंद्र और राज्य सरकार की डिजिटल इंडिया तथा महिला सशक्तिकरण की अवधारणा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुँच बढ़ाने, महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगा।

 

मनीगाछी से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में जिले के अन्य प्रखंडों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। इससे न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि ग्रामीण समाज में डिजिटल क्रांति को भी नई गति मिलेगी।

 

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। इस अवसर पर मनीगाछी प्रखंड के जीविकाकर्मी, विभिन्न कैडर एवं सैकड़ों जीविका दीदियाँ उपस्थित रहीं।

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