हरियाणा में शहरी परिवहन को नई दिशा देने के लिए मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की योजनाएं तेजी पकड़ चुकी हैं। प्रदेश सरकार अब सिर्फ मौजूदा रूट्स तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि नए इलाकों को भी तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में हाल ही में हरियाणा मास रैपिड ट्रांजिट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई नए मेट्रो रूट्स और परियोजनाओं पर गहन चर्चा हुई।

यह बैठक मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें अधिकारियों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में मेट्रो कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित योजनाओं का मूल्यांकन किया। बैठक में साफ तौर पर यह संकेत मिला कि आने वाले वर्षों में हरियाणा का मेट्रो नेटवर्क काफी विस्तृत और आधुनिक होने वाला है।
सबसे प्रमुख प्रस्ताव गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पंचगांव तक मेट्रो विस्तार का रहा। इस रूट को लेकर हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और लेआउट प्लान पर काम किया जा रहा है। यह रूट खासतौर पर गुरुग्राम के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके साथ ही सिही गांव के पास सेक्टर-36 ए में मेट्रो डिपो के लिए स्थान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी चल रही है। यह डिपो इस नए रूट के संचालन के लिए बेहद जरूरी होगा और इससे मेट्रो सेवाओं के रखरखाव और संचालन में सुगमता आएगी।
हरियाणा सरकार की योजना सिर्फ गुरुग्राम तक सीमित नहीं है। बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो विस्तार की संभावनाओं का भी गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए राइट्स कंपनी तकनीकी आकलन कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह परियोजना आर्थिक और तकनीकी रूप से व्यवहारिक है या नहीं।
इसी तरह बहादुरगढ़ से आसौधा तक मेट्रो रूट पर भी नया अध्ययन शुरू किया गया है। खास बात यह है कि आसौधा में एक इंटरचेंज स्टेशन विकसित करने की योजना है। इससे यात्रियों को एक से अधिक रूट्स पर आसानी से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी और मेट्रो नेटवर्क की उपयोगिता भी बढ़ेगी।
बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि मेट्रो सेवाओं की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच 1.74 करोड़ से अधिक यात्रियों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 13.55 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि लोग अब निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने लगे हैं।
केवल यात्रियों की संख्या ही नहीं, बल्कि मेट्रो की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। किराया आय में 12.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि गैर-किराया आय में 108 प्रतिशत की बड़ी छलांग देखने को मिली है। गैर-किराया आय में विज्ञापन, स्टेशन स्पेस का उपयोग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शामिल हैं।
इसके अलावा गुरुग्राम-फरीदाबाद नमो भारत कॉरिडोर को भी मंजूरी मिल चुकी है और इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। यह कॉरिडोर दो प्रमुख शहरों को जोड़ने के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
दिल्ली-कुंडली मेट्रो विस्तार परियोजना को जल्द ही कैबिनेट में पेश किए जाने की योजना है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह रूट दिल्ली और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा। वहीं दिल्ली-पानीपत-करनाल आरआरटीएस कॉरिडोर की संशोधित रिपोर्ट भी स्वीकृति के लिए आगे बढ़ रही है।
शहर के भीतर भी नए कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। भोंडसी से रेलवे स्टेशन तक लगभग 17 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। यह रूट शहर के अंदरूनी इलाकों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरियाणा में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों को तेज, सुरक्षित और समय की बचत करने वाला परिवहन विकल्प मिलेगा।
मेट्रो विस्तार का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि इससे रियल एस्टेट और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जिन इलाकों में मेट्रो पहुंचेगी, वहां विकास की रफ्तार तेज होगी और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
हालांकि इन परियोजनाओं को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा। भूमि अधिग्रहण, वित्तीय संसाधन और तकनीकी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। लेकिन सरकार का दावा है कि इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, हरियाणा में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पहल न केवल लोगों के सफर को आसान बनाएगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
आने वाले समय में जब ये सभी परियोजनाएं पूरी होंगी, तो हरियाणा के शहरों की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी—जहां तेज रफ्तार मेट्रो, सुव्यवस्थित यातायात और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकास की नई कहानी लिखेंगे।
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