डेस्क : केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Rambilas Paswan) अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके बेटे और लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने गुरुवार की शाम को उनके निधन के बारे ट्वीट कर जानकरी दी। चिराग ने अपने बचपन का एक फोटो ट्वीट किया, जिसमें वे पासवान के गोद में बैठे हैं और लिखा है- “पापा… अब आप इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन मुझे पता है कि आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ है।” 74 वर्षीय रामविलास पासवान पिछले कुछ हफ्तों से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के साकेत स्थित अस्पताल में भर्ती थे। उनके पास केन्द्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय था।
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रामविलास पासवान पिछले पांच दशक से भी ज्यादा वक्त से राजनीतिक में सक्रिय थे और देश के सबसे बड़े दलित नेताओं में उनकी पहचान होती थी।

रामविलास पासवान के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने दुख व्यक्त करते हुए वे इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक ऐसा शून्य हो गया है, जिसे शायद कभी नहीं भरा जा सकेगा। राम विलास जी का जाना यह व्यक्तिगत क्षति है। मैंने अपना दोस्त और मजबूत सहयोगी खो दिया।
रामविलास पासवान के निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। सभी दलों के नेताओं ने रामविलास पासवान के निधन पर दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि देश ने एक विज़नरी नेता को खो दिया है। राष्ट्रपति ने कहा- वह संसद में सबसे सक्रिय और लंबे समय तक सेवा करने वाले सदस्यों में से एक थे। वह दबे कुचलों की आवाज थे।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से बिहार चुनावों को लेकर अहम फैसले रामविलास पासवान की अस्वस्थता के चलते खुद चिराग ही ले रहे थे। हाल ही में चिराग ने ही लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) संसदीय बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया की पार्टी बिहार में एनडीए के साथ जाने की बजाए अकेली चुनाव लड़ेगी।
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