महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों को झकझोर दिया। नारनौल-सिंघाना रोड पर हमीदपुर गांव के नजदीक ऑटो और कार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दस लोग घायल हो गए। घायलों में एक मासूम बच्चा भी शामिल है।

मिली जानकारी के अनुसार, पटीकरा गांव के करीब 14 लोग एक ऑटो में सवार होकर बापड़ोली गांव शोक व्यक्त करने जा रहे थे। सोमवार सुबह वे एनएच-11 मार्ग से होते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। जैसे ही ऑटो हमीदपुर के पास पहुंचा, सामने से आ रही तेज रफ्तार कार से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और ऑटो सड़क पर पलट गया।
ऑटो पलटते ही मची चीख-पुकार
हादसे के बाद ऑटो में सवार लोग नीचे दब गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को ऑटो के नीचे से बाहर निकाला। कई लोग गंभीर रूप से घायल थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
टक्कर के बाद कार भी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
अस्पताल में महिला की मौत
सभी घायलों को नारनौल के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने पटीकरा निवासी 48 वर्षीय रेशमी देवी को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। डॉक्टरों के अनुसार, रेशमी देवी को हादसे में गंभीर चोटें आई थीं।
अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। चिकित्सकों का कहना है कि ज्यादातर घायलों की हालत स्थिर है, लेकिन एक युवक की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
ये लोग हुए घायल
इस हादसे में चंद्र प्रकाश (50), ललिता (32), शशि बाला (42), मौसम (28), भुलिया देवी (45), अशोक (35), मोनिका (28), सुमन (39), निहांशी (2) और जार्ज कुमार (19) घायल हुए हैं। इनमें जार्ज कुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे परिजन बेहतर इलाज के लिए बहरोड़ लेकर गए हैं।
घायलों में एक दो वर्षीय बच्ची भी शामिल होने से हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन का संतुलन बिगड़ना हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने और घायलों के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ओवरलोडिंग भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी हो सकती हैं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या ओवरलोडिंग के कारण हादसे की गंभीरता बढ़ी। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
गांव में पसरा मातम
रेशमी देवी की मौत की खबर जैसे ही पटीकरा गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि जिस काम से लोग शोक व्यक्त करने जा रहे थे, उसी सफर में यह दुखद हादसा हो गया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हमीदपुर के पास ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत की जाए और स्पीड कंट्रोल के उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाही से ड्राइविंग ऐसे हादसों के प्रमुख कारण होते हैं। यदि चालक सतर्कता बरतें और नियमों का पालन हो, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद हादसे की सही वजह सामने आएगी।
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